रामदास अठावले ने ससंद में पढ़ी ऐसी कविता, लोग लगाने लगे ठहाके

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सवर्णों को दिए 10 प्रतिशत आरक्षण के बाद से भारतीय राजनीति में भूचाल मच गया है. सभी राजनैतिक पार्टियों के सामने धर्मसंकट पैदा हो गया था कि वे सवर्णों को दिए जाने वाले आरक्षण के बिल को पास करने के लिए वोट करने या नही! क्योंकि समर्थन में वोट ना करने से सवर्णों के नाराज होने का डर था और सवर्णों के नाराजगी का नमूना तो सबने देख लिया है. ऐसे में जब लोकसभा में चर्चा के दौरान एनडीए के बड़े दलित नेता रामदास अठावले सदन में अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो वे एक कविता पढने लगे. उनकी कविता सुनकर सदन में मौजूद सबलोग हंसने लगे. आखिर क्या था अठावले की इस कविता में जिसने संसद में सबको हंसने पर मजबूर कर दिया!


सुना आपने इस कविता में रामदास अठावले ने सवर्ण आरक्षण बिल, राफेल, पीएम मोदी की चालाकी, तीन तलाक, राहुल गाँधी की आँख मारने की घटना, 2019 में कांग्रेस की स्थिति इन सभी मुद्दों को घसीटकर एक कविता तैयार की और इसे सदन में सुनाया. वैसे अगर देखा जाये तो पीएम मोदी और उनके द्वारा लिए फैसलों की चारो तरफ तारीफ हो रही है. चाहे नोटबंदी हो, सर्जिकल स्ट्राइक हो, जीएसटी हो, राम मंदिर पर बेवाक बोल हो, तीन तलाक पर कानून हो या फिर सवर्णों की आरक्षण देने का कानून.
ये सब फैसले ऐसे माहौल में लिए गये हैं जब पूरा विपक्ष सबकुछ छोड़कर सिर्फ प्रधानमंत्री को घेरने में लगा हुआ था. राफेल मुद्दे को लेकर सदन में हंगामा किया जा रहा था. वही राफेल जिस पर राहुल गाँधी एक बार नही दो बार झूठे साबित हो चुके है. देश ही नही विदेशो में भी अपनी किरकिरी करवाने के बाद भी राहुल गांधी अभी भी राफेल पर ही अटके हुए है और सरकार अपनी चालाकी से देशहित में फैसले लेती आई और उसे लागू भी करने में कामयाब रही.
अब आप सोचिये जिस सरकार को घेरने में पूरा विपक्ष एकजुट होकर हो हल्ला कर रहा है ऐसे में सरकार को कानून बनाकर उसे पास करवाना कितना मुश्किल हो जाता है. खैर राहुल गाँधी जी का राजनीति करने का अपना तरीका है, मोदी जी का अपना. देखना ये है कि आम लोगों को किसके राजनीति का तरीका पसदं आता है.

आप यहाँ रामदास अठावले का वीडियो देखिये..जिसे कवि कुमार विश्वास ने शेयर किया

वैसे 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर रहते हुए बीजेपी और कांग्रेस के बीच जबरदस्त बहसबाजी देखने को मिल सकती है. राजस्थान, मध्यप्रदेश और राजस्थान में मिली जीत से राहुल गाँधी और कांग्रेस के हौसले बुलंद है. कांग्रेस के कार्यकर्ताओ का मनोबल बढ़ा हुआ है लेकिन विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के बीच बड़े अंतर होते हैं. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का मुकाबला सीधे प्रधानमंत्री मोदी से होगा, जो राहुल गाँधी के लिए बिलकुल आसान नही होने वाला है. 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार के सामने अपने कार्यों को लोगों को अवगत करवाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी. पूरे देश की जनता मोदी सरकार कई बड़े और हिम्मत वाले फैसलों के लिए प्रधानमंत्री की कायल है.