दुनिया को अलविदा कह गये रामायण के सूग्रीव,लॉक डाउन के चलते अस्थि विसर्जन में आई एक बड़ी बाधा

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कोरो’ना महासंक’ट से आज हर मुल्क लड़ाई लड़ रहा है. कोरो’ना अपने पैर फैलाते ही जा रहा है. रोज नए मरीजो कि संख्या बढती जा रही है. आज हर देश लगभग बंद हो चुके हैं. आज कोरो’ना कि वजह से देश की इकॉनमी से लेकर हर चीज़ पर बुरा असर पड़ रहा हैं. लेकिन पहली प्रथमिकता है कोरो’ना को हरा’ना.कोरो’ना को हराने के बाद देश की स्थिथि को दोबारा सुधार जा सकता है. लॉक डाउन में लोग बोर हो रहे थे. लोगों कि मांग थी कि मोदी दोबारा से रामानंद सागर की रामायण का पुनः प्रसारण किया जाये. सबकी मांग को देखते हुए रामायण को दोबारा शुरू कर दिया गया है.

रामायण भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे मशहूर सीरियल में से एक है. जो तभी लोकप्रिय था और आज भी सबसे ज्यादा लोकप्रिय है और TRP आज के वक़्त भी उसकी सबसे ज्यादा हैं. रामयान कामयाब शोज में से एक है. रामायण के दूरदर्शन पर पुनः प्रसारण के बीच एक दु’खद खबर ने लोगों को भावुक कर दिया. शो में सुग्रीव और बाली की भूमिका निभाने वाले श्याम सुंदर का नि’धन हो गया. श्याम सुंदर पिछले काफी वक्त से कैं’सर से लड़ रहे थे. अब समस्या ये बनी हुई है कि लॉकडाउन के चलते श्याम सुंदर की अस्थि’यां गंगा में प्रवाहित नहीं हो पा रही हैं.

लॉकडाउन के दौरान दुनिया को अलविदा कह चुके श्याम सुंदर के परिवार के लोग अब लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रहे हैं. ताकि उनकी अस्थि’यों को गंगा में विस’र्जित किया जा सके. वह पिछले 20 वर्ष से कालका की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रहे थे. श्याम सुंदर के परिवार का कहना है कि वह रामचरितमानस का पाठ कर रहे थे जब उनके प्राण निकल गए. श्याम की पत्नी प्रिया कलानी मुंबई नगर निगम में अधिकारी थी और उनकी सेवानिवृत्ति के बाद वह पंचकूला के कालका शहर में आकर रहने लगे. श्याम सुंदर कलानी ने रामायण के अलावा त्रिमूर्ति ,छैला बाबू और हीर रांझा फिल्मों के अलावा जय हनुमान में हनुमान की भूमिका निभाई थी.

श्याम सुन्दर के परिवार के लिए ये दुःख कि घडी है. जिसको उनके पूरे परिवार को मिल कर इसे निकलना होगा. क्योकि इंसान के आने का तो पता होता है लेकिन उसके जाने का नहीं पता होता है. जिसकी जितनी उम्र उपर वाला लिख कर नीचे भेजता है उससे ज्यादा कोई भी नही जीवित रह सकता है. ये दुख कि घडी हैं उनके परिवार के लिए लेकिन उनको हौसला बना कर रखना है और इस घडी से बहार निकलना पड़ेगा.