राम विलास पासवान के साथ हो गया सेब के नाम पर धोखा

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आप भी फलों और सब्जियों को उनकी चमक देख कर खरीदते है. अगर आप ऐसा करते है तो सावधान हो जाइये. ये सेब आपकी सेहत को ख़राब कर सकते है. वेसे Artificial color और केमिकल के जरिए फलों और सब्जियों को चमकीला बनाकर बाजार में बेचने का चलन आम बात है, ऐसा ही धोखा हुआ एक केंद्रीय मंत्री के साथ. जी हां आपने सही सुना, मंत्री जी भी इसका शिकार हो गए.

घटना हुई केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान के साथ. अब आपको बताते है कि आखिर हुआ क्या. दरअसल उन्होंने 15 सितंबर को सलाद खाने की इच्छा जताई तो उनका स्टाफ सलाद के फल लेने के बाज़ार गए. फल लाने के बाद स्टाफ ने फल को धोना शुरू किया, लेकिन जब वो सेब को धोने की कोशिश की गयी तो वह ठीक से धुल नहीं पा रहे थे. पानी से धोने पर सेब हाथ से फिसल रहा था. इसके बाद स्टाफ ने सेब को चाकू से खुरचा तो उस पर भारी मात्रा में मोम यानि वैक्स लगा हुआ मिला. दुकानदार ने फल में चमक लाने के लिए उस पर भारी मात्रा में वैक्स लगा रखा था. दरअसल Artificial color और केमिकल की मदद से फलों और सब्जियों को चमकीला बनाकर बाजार में ज्यादा दाम पर बेचा जाता है. फल बेचने वाले अक्सर हानिकारक केमिकल और वैक्स का इस्तेमाल फलों की चमक बढ़ाने के लिए करते हैं जिसके झांसे में आम लोग आ जाते हैं और उन फलों को ज्यादा दामों में खरीद भी लेते है.

दिल्ली के मशहूर और बेहद पॉश खान मार्केट की एक दुकान से यह सेब खरीदा गया था और आप ये जानकर हेरान हो जाएँगे कि सेब की कीमत 420 रुपए प्रति किलोग्राम थी. इसके बाद राम विलास पासवान ने इसकी जानकारी अपने अधिकारियों को दी. फिर अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए और खान मार्केट की उस फल की दुकान पर छापा मारा जहां से फल खरीदा गया था. अधिकारियों को सेब के साथ साथ बाकि सभी फलों पर वैक्स और केमिकल लगा हुआ मिला. नियमों को तोड़ने के लिए दूकानदार का चालान काट दिया गया. यहाँ गोर करने वाली बात ये भी है कि इस तरह की मिलावट को रोकने की जिम्मेदारी खुद पासवान के ही मंत्रालय की है.

आपको बता दे कि सभी दूकानदार लंबे समय तक सेब या बाकि फलों और सब्जियों में ताजगी बरकरार रखने के लिए उस पर तरह तरह के केमिकल छिड़कते है. इससे बचने के लिए सभी फलों और सब्जियों को अच्छे से पानी में रखना चाहिए. ग्राहकों को सिर्फ चमक देख कर ही फल और सब्जियां नही खरीदनी चाहिए. अगर वो खरीद लेते है और बाद में उन्हें कुछ दिक्कत होती है तो वो consumer helpline की मदद से अपनी शिकायत कर सकते है. ऐसे दुकानदारो के खिलाफ कड़ी करवाई होनी चाहिए ताकि वो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ न कर सके.