इतने द्वार, इतनी मंजिलें कुछ ऐसा होगा अयोध्या का भव्य राम मंदिर

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अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर रास्ता साफ हो चुका है. अब देखना ये है कि प्रभु श्रीराम के मंदिर की नीव कब रखी जायेगी और किस दिन से प्रभू श्रीराम का मंदिर बनना शुरू होगा. ये सारे सवाल अभी बने हुए है  लोगों के दिमाग में. अभी और भी बहुत से सवाल उमड़ रहे हैं. सवाल ये है कि राम मंदिर में कितने दरवाजे होंगे? और इसका आर्किटेक्ट या ढांचा कितना भव्य होगा?  ऐसे बहुत सारे सवाल हिंदू धर्म के लोगों के लिए कौतूहल सा है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ऐलान किया गया. दिल्ली में ट्रस्ट की पहली बैठक में मंदिर के नक्शे और स्वरूप को लेकर भी चर्चा होने के आसार हैं.

बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट को यह आजादी है कि वह राम मंदिर के निर्माण के लिए जो नया नक्शा है वो खुद बना सकती है. लेकिन माना ये भी जा रहा है कि मंदिर आंदोलन की अगुआई करने वाली विश्व हिंदू परिषद ने चंद्रकांत सोमपुरा से जो राम मंदिर मॉड़ल तैयार कराया है. उसी के तहत राम मंदिर का निर्माण होगा. राम मंदिर का मॉडल भगवान विष्णु के पसंदीदा अष्टकोणीय आकार में होगा. नागर शैली में पूर्णतया पत्थरों से बनने वाले दो मंजिला मंदिर में पांच प्रवेशद्वार होंगे.

वीएचपी ने कई साल पहले से राम मंदिर निर्माण को लेकर अलग-अलग नक्शों पर विचार विमर्श किया गया था. उसके बाद बड़ी मश्क्त के बाद एक नक्शा तैयार किया गया है. इस नक्शे को ऐसे तैयार किया गया है. जिसे राम मंदिर का मूल स्वरूप माना जा रहा है. इस प्रस्तावित नक्शे के मुताबिक मंदिर ‘128 फीट ऊंचा, 140 फीट चौड़ा और 268.5 फीट लंबा होगा. इस दो मंजिला मंदिर में 212 स्तंभ होंगे. इसकी छत पर एक शिखर होगा, जिसकी भव्यता को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा मंदिर.

वीएचपी ने मंदिर के लेकर जो नक्शा बनवाया है. उसमें उन्होने पांच प्रवेशद्वार रखें है. जिसके नाम इस प्रकार हैं (सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंग मंडप, पूजा-कक्ष और गर्भगृह) होंगे. मंदिर का नक्शा जिस हिसाब से बना है. उसके हिसाब से रामलला की मूर्ति नीचे ही विराजमान होगी. इस में खास बात यह है कि मंदिर के निर्माण में किसी तरह के लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और पूरे मंदिर के निर्माण में करीब 1.75 लाख घन फुट पत्थर की आवश्यकता होगी.

प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण को लेकर या कयास लगाये जा रहे हैं कि इस बार राम नवमी वाले दिन से यानी 2 अप्रैल को मंदिर की नीव पूजा की जायेगी और उसके बाद मंदिर का निर्माण शूरू हो जायेगा. अनुमान ये भी लग रहा है कि अगर राम नवमी के दिन निर्माण कार्य शुरू हो जाता है. तो 2024-2025 तक भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जायेगा.