गलवान घाटी पर वि’वाद को लेकर रक्षा मंत्री की हाई लेवल मीटिंग, सीडीएस और तीनो सेना प्रमुखों के साथ मंथन जारी

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भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवा’द को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बैठक पर बैठक कर रहें हैं और सीमा का पूरा जायज ले रहें हैं. सीमा पर चीन ने जो कदम उठाया है. वो बर्दाश्त करने लायाक नहीं हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज बैठक ले रहें है जिसमे सीडीएस बिपिन रावत और तीनो सेना के प्रमुख शामिल होंगे. मीटिंग में लद्दाख में जमीनी हालात की पूरी समीक्षा और एलएसी के साथ तैयारियों का जायजा लिया जाएगा.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसे पहले भी तीनों सेना प्रमुखों के साथ इस मसले पर बैठक कर चुके हैं. लद्दाख में भारत-चीन सेना के बीच हुई हिं’सक झ’ड़प के बाद जल, थल और वायुसेना पूरी तरह से अलर्ट पर हैं. तीनों सेनाओं को अलर्ट पर रहने का फैसला रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ आर्मी डिफेंस (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों की हुई बैठक में 18 जून को लिया गया था.

आपको बता दें कि 3500 किलोमीटर की चीन सीमा पर भारतीय सेना की कड़ी नजर है.  चीन के साथ हुई झ’ड़प के बाद से तीनों सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है. चीनी नौसेना को कड़ा संदेश भेजने के लिए हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना भी अपनी तैनाती बढ़ा रही है. इससे पहले सेना ने अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के साथ अपने सभी प्रमुख फ्रंट-लाइन ठिकानों पर अतिरिक्त जवानों को तैनात कर दिया हैं. वायुसेना ने पहले से ही सभी बॉर्डर पर और लद्दाख पर अपने पैनी नजर रखे हुए है.वहीँ दूसरी तरफ वायुसेना प्रमुख आरएस भदौरिया ने कहा कि हम हर हाल में अपनी संप्रभुता की रक्षा करंगे. उन्होंने कहा की हमारी सेना बॉर्डर पर हर समय चौकन्नी रहती हैं और हम लद्दाख बॉर्डर पर हालत को सँभालने के लिए तैयार हैं.