पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने चिदंबरम केस को बताया राजनीतिक साजिश

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देश के पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है और वो गायब हैं . INX मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से स्वीकृति दिलाने के लिए  रिश्वत लेने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी अग्रीम जमानत याचिका खारिज कर दी फिर उसके बाद रात को ही सीबीआई और ED की टीम उन्हें गिरफ्तार करने उनके घर पहुंची लेकिन उनका कोई पता नहीं था. चिदंबरम अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं लेकिन उनपर लटकती गिरफ्तारी की तलवार ने कई लोगों के दोहरे चरित्र को उजागर कर दिया है . ऐसे ही लोगों में से हैं वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई और पल्लवी घोष.

पहले बात राजदीप सरदेसाई की . राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट किया – “साल 2010 में पी चिदंबरम गृहमंत्री थे और अमित शाह को फेक एनकाउंटर केस में गिरफ्तार किया गया था. 9 साल बाद अमित शाह गृहमंत्री हैं और पी चिदंबरम के गिरफ़्तारी की नौबत आ गई है . चक्र पूरा हुआ .. साजिश है या क़ानून का शिकंजा ये आप तय करें.” . राजदीप ने बड़ी ही चतुराई से चिदंबरम केस को राजनीतिक साजिश करार दे दिया और फिर खुद को पाक साफ़ रखने के लिए जनता पर छोड़ दिया तय करने को कि ये साजिश है या कानूनी कारवाई .

अब जरा आते हैं 2010 में, जब अमित शाह को सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में गिरफ्तार किया गया तो भाजपा ने इसे राजनीतिक साजिश बताया था और राजदीप ने ट्वीट किया था – “क़ानून को अपना काम करने दिया जाए”. बाद में अमित शाह इस केस से बरी हो गए थे . कांग्रेस के शासन में राजदीप सरदेसाई को भाजपा नेताओं पर हुई कारवाई क़ानून के अंतर्गत हुई कारवाई लगती थी लेकिन भाजपा के शासन में कांग्रेस नेताओं पर हुई कारवाई राजदीप को राजनीतिक साजिश लगती है .

अब आते हैं पल्लवी घोष पर. पल्लवी घोष ने ट्वीट किया – “चिदंबरम की अग्रीम जमानत याचिका आज खारिज हो गई लेकिन कल वो सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे. ऐसी भी क्या जल्दी है कि सीबीआई और ED उन्हें आज रात को ही ढूंढ रही है.“

पल्लवी के दोहरे चरित्र को उजागर करने के लिए आइये रुख करते हैं साल 2011 का . 2011 की गर्मियों में यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन चरम पर था . बाबा रामदेव कालेधन के खिलाफ रामलीला मैदान में आन्दोलन कर रहे थे कि आधी रात को दिल्ली पुलिस ने उन्हें रामलीला मैदान से खदेड़ने के लिए लाठी चार्ज किया और बाबारामदेव को भागना पड़ा था . तब पल्लवी ने ट्वीट किया था – “अगर रामदेव को लगता है कि उसका मुद्दा मजबूत है तो वो भाग क्यों रहे हैं? गिरफ्तार क्यों नहीं हो जाते” . बाबा रामदेव को भागने की बजाये गिरफ्तार हो जाने की सलाह देने वाली पल्लवी, चिदंबरम को भागने की बजाये गिरफ्तार हो जाने की सलाह नहीं दे सकी. देती भी कैसे, चिदंबरम को सलाह देना पल्लवी के एजेंडे में फिट नहीं बैठता.