पाकिस्तान से भारत आई शरणार्थी हिन्दू लड़की से राजस्थान शिक्षा बोर्ड कर रहा अन्याय

कुछ दिनों पहले ये खबर आई थी कि दिल्ली पाकिस्तान से परेशान होकर भागे तीन हिन्दू बच्चों को दिल्ली के एक में एडमिशन पाने के लिए बहुत दिनों तक जद्दोजहद करनी पड़ी थी, क्योंकि स्कूल प्रशासन उन्हें एडमिशन नहीं दे रहा था. वो बात अलग है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल हर बात पर उच्च शिक्षा प्रदान करने कि डींगे हांकते घूमते हैं. बाद में न्यायलय का दरवाजा पीटने के बाद कहीं जाकर उन बच्चों को न्याय मिला था. अब ऐसा ही एक और वाकया सामने आया है, राजस्थान से.

जहाँ पाकिस्तान से हिन्दू शरणार्थी के तौर पर भारत आई दमी कोहली नाम की एक शरणार्थी को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कथित तौर पर परीक्षा फॉर्म भरने की परमिशन नहीं दे रहा है, वहीँ हिन्दू शरणार्थी दमी कोहली का कहना है कि उसने सभी डाक्यूमेंट्स और प्रूफ जमा भी करवा दिए हैं मगर फिर भी उससे न जाने किस बिनाह पर योग्यता प्रमाण पत्र कि मांग की जा रही है.

दमी कोहली कि मानें तो वह कुछ साल पहले अपने परिवार के साथ पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत चली आई थी. जब उनसे पाकिस्तान छोड़ने की वजह पूछी गयी तो उन्होंने बताया कि उन्हें और उसके परिवार को धार्मिक प्रताड़ना के कारण पाकिस्तान छोड़ना पड़ा था. अपनी 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई दमी ने पाकिस्तान में रहकर ही पूरी की है और पाकिस्तान छोड़ने के बाद अब वह जोधपुर के पास मौजूद आंगनवा रिफ्यूजी कैंप में रहती है. उनके मुताबिक इसी जगह उन्होंने साल 2018 में एक स्कूल में 11वीं कक्षा में  दाखिला लिया था. यहीं से उसने ग्याहरवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की और अब आगे उसे 12वीं की परीक्षा देनी है, लेकिन पता नहीं किन कारणों से शिक्षा बोर्ड उससे अब योग्यता प्रमाण-पत्र की माँग कर रहा है.

दमी कोहली के पिता शिक्षा बोर्ड की इस बेरुखी से बेहद आहत हैं वो कहते हैं कि उनकी बेटी को बोर्ड परीक्षा में इजाजत नहीं दिए जाने का नोटिस उनके हाथ में थमाया गया है तो दूसरी तरफ उनकी बेटी कहती हैं उन्होंने अपने स्कूल को सभी जरूरी प्रूफ जमा करवा दिए हैं और फिर क्यों उन्हें शिक्षा का अधिकार नहीं मिल रहा है.

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