राजस्थान में एक बार फिर सियासी हलचल तेज,सचिन पायलट से मिलने पहुंचे 8 विधायक, कांग्रेस की उड़ी नींद

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कांग्रेस की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही. अब राजस्थान की सियासी हलचल एक बार फिर से कांग्रेस की नींदें उड़ा रही है. पिछले साल ही कांग्रेस वहां पर अपनी सरकार गंवाते गंवाते बची है. बड़ी मुश्किलों से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच संघर्ष विराम हो पाया था. लेकिन एक बार फिर राज्य का सियासी पारा चढ़ गया. सचिन पायलट के सिविल लाइन स्थित उनके सरकारी आवास पर उनके सबसे खास आठ विधायकों की बैठक हुई है.इस बैठक में पायलट गुट के विधायक राम निवास गावड़िया, विश्ववेंद्र सिंह, पीआर मीणा, मुकेश कुमार जैसे विधायक शामिल हुए.

राज्य में अचानक बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी से कांग्रेस इसलिए भी हलकान है क्योंकि एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश में उसके युवा नेता जितिन प्रसाद भाजपा में शामिल हो गए. पायलट तो पहले से ही असंतुष्ट चल रहे हैं. और अब उनकी भाजपा में शामिल होने की अटकलें एक बार फिर शुरू हो गई है. सचिन पायलट के घर पर हो रही आठ विधायकों की यह बैठक इसलिए भी खास है, क्योंकि हाल ही सचिन पायलट पार्टी नेतृत्व से सुलह कमेटी की ओर से मुद्दे ना सुलझाने को लेकर नाराजगी जताई थी.

11 जून को अचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि है.बताया जा रहा है कि उस दिन सचिन पायलट अपने गुटर के विधायकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करेंगे और आलाकमान तक अपना सन्देश पहुंचाएंगे जो इन दिनों किसी भी असंतुष्ट की बात सुनने के मूड में नज़र नहीं आ रहा. पायलट गुट की सक्रियता से गहलोत खेमा भी अलर्ट हो गया है. इस बात की पूरी कोशिश की जा रही है कि पिछले साल जैसे हालात पैदा न हो.