राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात के अब अब राजस्थान कांग्रेस में हड़कंप, सभी विधायकों को रिजॉर्ट में छुपाया

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राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में खलबली मची हुई है. गुजरात के बाद अब राजस्थान में भी कांग्रेस की धडकनें तेज हो गई है. गुजरात में टी कांग्रेस सत्ता में नहीं है लेकिन राजस्थान में सत्ता में होने के बावजूद उसे अपने विधायकों के टूट का डर सताने लगा है. इसलिए कांग्रेस ने राजस्थान के अपने सभी विधायकों को एक रिजॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है. राजस्थान में निर्दलीय समेत कांग्रेस के पास कुल 110 विधायकों का समर्थन है. इनमे वो विधायक भी शामिल है जो बसपा छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे. कांग्रेस ने इन सभी 110 विधायकों को जयपुर के पास एक रिसॉर्ट में रखा है और उनपर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. वहां पार्टी के आला पदाधिकारियों को ही आने की इजाजत है. कांग्रेस के पर्यवेक्षक रणदीप सिंह सुरजेवाला भी वहां मौजूद हैं. सीएम अशोक गहलोत और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे अब यहां विधायकों की मीटिंग लेंगे.

कांग्रेस ने भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त का इल्जाम लगाया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने विधायकों पर भरोसा जताते हुए कहा है कि ‘हमारे विधायक बहुत समझदार हैं वे समझ गए. उन्हें खूब लोभ लालच देने की कोशिश की गई. लेकिन यह हिंदुस्तान का एकमात्र राज्य है जहां एक पैसे का सौदा नहीं होता. यह इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा. मुझे गर्व है कि मैं ऐसी धरती का मुख्यमंत्री हूं जिसके लाल बिना सौदे के बिना लोभ लालच के सरकार का साथ देते हैं कि सरकार स्थिर रहनी चाहिए राज्य में.’

कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है. उनका खुद का घर४ सुरक्षित नहीं है और वो भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं. गौरतलब है कि राज्य में 3 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव 19 जून को होने वाले हैं. इन चुनाव के लिए कांग्रेस ने केसी वेणुगोपाल ओर नीरज डांगी को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि बीजेपी ने राजेन्द्र गहलोत को उम्मीदवार बनाया था. हालांकि अंतिम क्षणों में बीजेपी के ओंकार सिंह लखावत ने भी पर्चा दाखिल किया. जिसके बाद कांग्रेस में टूट फूट की आशंका पैदा हो गई है.