चोरो से परेशान रेलवे अब उठा रहा है ऐसा कदम जिससे हमे अपने आप पे शर्म आएगी

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देश में इंसान को सुविधा भी सभी तरह की चाहिए. लेकिन उसकी हिफाजत करने में इंसान को दिक्कत होती है. आदमी ये सोचता है कि ये सरकार है इसको ख़राब करो क्योकि ये मेरी प्रॉपर्टी नहीं है. खराब हो या टूट जाये इसे आम जनता को कोई मतलब नहीं है. आप सोच रहे होंगे की हम किस की बात कर रहें है तो बता दें आपको कि हम बात कर रहें है इंडियन रेलवे की.

मोदी सरकार ने देश के लोगों को ट्रेन में सुविधा देने के लिए और लोगों का सफ़र आसान और जल्दी अपने गन्तव तक पहुँच सके उसके लिए कई नई ट्रेन चला दी है. जिसमे हर तरह की सुविधा का बन्दोबश किया गया है. लेकिन आम जनता को सफ़र तो अच्छी ट्रेन में करना है. सुविधा भी सभी चाहिए. लेकिन अपनी हरकतों से बाज नहीं आते है. आपको बताते चलें कि हमारे देश में लोग ट्रेन से नल या पानी की टोटी तक निकल ले जाते है. आप कह सकते हो की चोरी कर ले जाते है. उसके बाद आ’रोप लगाते है मोदी सरकार पर कहते है कि रेलवे और ट्रेन को लेकर मोदी सरकार कुछ करती नहीं और उसको प्राइवेट हाथो में देने की तैयारी कर रही है.

इंडियन रेलवे से देश में रोज लाखों लोग सफ़र करते है. इंडियन रेलवे को मोदी सरकार जबसे आई है तबसे उसमे काफी सुधार हुआ है. पहले ट्रेन में इतनी सुविधा नहीं थी. आम आदमी का कहना था की ट्रेन में टिकट के हिसाब से सुविधा नहीं मिलती है और ट्रेन में साफ़ सफाई भी नहीं रहती है. ये सारी दि’क्क’तों का सामना करना पड़ता था. अब ऐसा नहीं है. ट्रेनों में अब मोदी सरकार ने कई सुविधाएँ शुरू कर दी है ताकि आम लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े.

ट्रेनों के ‘उत्कृट रैक’ का मतलब होता है (रेलवे ने ट्रेनों का लुक एंड फील बदलने के लिए पुराने किस्म के डिब्बों वाले यानी आईसीएफ कोच वाली गाड़ियों का रंग रोगन और सुविधाओं को बेहतर बनाना शुरू कर दिया है. इस क’वाय’द को उत्कृष्ट योजना का नाम दिया गया है.) उत्कृष्ट योजना के तहत पहली ट्रेन कालका मेल को नई कलर स्कीम के साथ चलाया जा रहा है. उत्कृष्ट योजना में हजार से ज्यादा चोरियों के चलते रेलवे ने ‘महंगे स्टेनलेस स्टील फिटिंग्स को प्लास्टिक से बदलने का फैसला किया है’. पिछले महिने उत्कृष्ट रैक के टॉइलट और वॉशबेसिन से 5 हजार से ज्यादा स्टेनलेस स्टील टैप की चो’री होने के बाद रेलवे ने ये कदम उठाया है.

रेलवे के डेटा के अनुसार, ट्रेनों के उत्कृष्ट रैक से स्टेनलेस स्टील फ्रेम के साथ 2 हजार से अधिक बाथरूम मिरर, 500 लिक्विड सोप डिस्पेंसर और करीब 3 हजार फ्लश वॉल्व गायब हैं. बता दें कि रेलवे ने अपनी लंबी दूरी की ट्रेनों के अपग्रेडेशन के लिए 2018 में करीब 300 उत्कृष्ट रैक लॉन्च की थी. इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए 400 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और शौचालय को उत्कृष्ट बनाने के लिए स्टील की महंगी फिटिंग्स लगाई गईं थी.

इस तरह की लोगो की हरकत को देखते हुए सेंट्रल रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार, ‘इस तरह की बड़ी चोरी को देखते हुए रेलवे कोच में महंगे स्टेनलेस स्टील फिटिंग्स को रिप्लेस करना असंभव होगा.’ उन्होंने कहा, ‘चोरों की हरकत रोकने के लिए पुराने प्लास्टिक डिजाइन पर ही वापस आना होगा. क्योकि ये अपनी हरकतों से बाज नही आयेंगे.  इसी को देखते हुए कुछ श’रा’रती त’त्वों की वजह से सभी ग्राहकों को उत्कृष्ट रैक सेवा से वं’चि’त होना पड़ेगा. “वो कहते है कि एक मछली पूरे तालाब को गं’दा करती है” ये कहावत इन चोरो पर पूरी तरह से चरितार्थ है. लेकिन इन लोगों की वजह से सभी लोग बदनाम होते है.

मैं यह कहना चाहता हू कि लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए और रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि रेलवे संपत्ति को नुकसान ना पहुँचाये और रेलवे को अपना समझे. लोग अपनी सोच को नही बदलेंगे तो देश में ऐसे ही होता रहेगा.