प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रेलवे ने किया बड़ा ऐलान, अगले 10 दिनों में रेलवे…

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लॉकडाउन के बावजूद रेलवे श्रमिक स्पेशल और राजधानी स्पेशल ट्रेनों का परिचालन कर रही है. 1 जून से 200 और ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की तैयारियां हो चुकी है. टिकट बुकिंग भी शुरू हो गई है और लाखों लोगों ने टिकटों की बुकिंग की है. अब ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल है कि रेलवे की भविष्य की क्या योजनायें है? कब तक ट्रेनों का परिचालन पहले की तरह सामान्य हो पायेगा. इसी सम्बन्ध में आज रेलवे ने एक प्रेस कांफ्रेंस की और कुछ बड़ी घोषणाएं की.

रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के बारे में ऐलान किया है कि जब तक सभी श्रमिकों को घर नहीं पहुंचा दिया जाता तब तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगी. रेलवे ने ये भी बताया कि अगले 10 दिनों में 35 लाख लोगों को यात्रा करवाने की योजना बनाई गई है. इस दौरान करीब 2600 ट्रेनें तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, जम्मू और कश्मीर से चलाये जायेंगे.

ओर्स कॉन्फ्रेंस में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि अब तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 80 फीसदी श्रमिक यूपी और बिहार लौटे हैं. 1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाना शुरू कर दी थी और 20 मई को सबसे ज्यादा 279 ट्रेनें चलाई गईं. उन्होंने कहा कि रेलवे सभी स्टेशनों से ट्रेन चलाने को तैयार है. इसके लिए सभी रेलवे बोर्ड को आवाश्यल्ल निर्देश भी दे दिया गया है. अब ये राज्य सरकार पर है कि वो कितनी ट्रेनों की मांग करती है. जैसे ही उनकी मांग आएगी. रेलवे तुरंत ट्रेन चलाएगी. इसके लिए रेलवे पूरी तरह से तैयार है.

इसी प्रेस कांफ्रेंस में गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने बताया कि 27 मार्च को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए अडवाइजरी जारी कर प्रवासी श्रमिकों की सुविधा का ध्यान रखने का आदेश दिया गया. 28 मार्च को राज्य आपदा कोष से पैसे खर्च करने का आदेश दिया गया. फिर 29 मार्च को अडवाइजरी जारी की गई. जो भी श्रमिक अपने गृह राज्य पहुँच रहे हैं, उनका ध्यान रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है.