प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए उद्धव सरकार से आधी रात तक लिस्ट मांगते रहे रेल मंत्री लेकिन उद्धव सरकार ने…

देश में इस समय कोरोना के कहर के चलते 31 मई तक के लिए लॉकडाउन चल रहा है. जिसके चलते सारे कामकाज ठप्प पड़े हैं और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार के पास इसके अलावा कोई दूसरा और विकल्प नहीं था वरना आज स्थिति और भी भयावह हो सकती थी. देश में अब कोरोना के मरीजों की संख्या 1 लाख 40 हजार के आसपास पहुंची गयी है जोकि चिंताजनक है.

जानकारी के लिए बता दें लॉकडाउन के चलते सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुँचाने की है. अब तक स्पेशल ट्रेनें चलाकर लाखों मजदूरों को उनके घर तक भी पहुंचाया है. वहीं महाराष्ट्र से बेहद ही विचलित करने वाली खबर आ रही है. महाराष्ट्र में उद्धव सरकार मजदूरों के साथ दोहरा रवैया क्यों अपना रही है.

महाराष्ट्र में अब भी न जानें कितने मजदूर अपने घर जाने की राह में बैठे हुए हैं लेकिन वहां की सरकार जिस क्या कर रही है इसका अंदाजा आप रेल मंत्री के ट्वीट से ही लगा सकते हैं. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र सरकार से उन्होंने यात्रियों की लिस्ट मांगी है ताकि यात्रियों के हिसाब से ट्रेनें भेजी जा सकें लेकिन अभी तक लिस्ट नहीं मिली है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज हैं वहीँ सरकार इस तरह से काम करेगी तो आगे की स्थिति क्या हो ये भगवान ही जानें. वहीँ एक नही बल्कि कई बार महाराष्ट्र में मजदूर सड़कों पर उतर चुके हैं और सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियाँ भी उड़ चुकी हैं. जिससे सक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ता है. ऐसे में सरकार को उचित कदम उठाकर मजदूरों को उनके घर पहुंचाना चाहिए. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा कि ‘हम महाराष्ट्र को 125 श्रमिक स्पेशल ट्रेन देने के लिए तैयार हैं. जैसा कि आपने बताया कि आपके पास श्रमिकों की लिस्ट तैयार है. ऐसे में आप एक घंटे में मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को लिस्ट सौंप दें, जिससे हम ट्रेनों को समय पर चला सकें. पहले की तरह ट्रेन को खाली ना जाना पड़े.’ जिसके बाद उन्होंने लिस्ट मांगने के लिए फिर एक बार देर रात ट्वीट किया कि सरकार जल्द से जल्द लिस्ट सौंप दें.