लॉकडाउन बढ़ते ही रेलवे हुई एक्टिव, फंसे लोगों को घर पहुँचाने के लिए इन 6 रूटों पर चलेगी स्पेशल ट्रेन

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लॉकडाउन और 14 दिनों के लिए बढ़ गया. अब देश में 17 मई तक लॉकडाउन लागू रहेगा. पहली बार जब 24 मार्च को लॉकडाउन का ऐलान पीएम मोदी ने कहा था कि जो जहाँ है वहीँ रहे. इस वजह से लाखों लोग दुसरे राज्यों में फंस गए. लेकिन अब लॉकडाउन के तीसरे चरण में दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को घर पहुँचाने की तैयारियां शुरू हो गई है. आज तेलंगाना से 1200 प्रवासी मजदूरों को लेकर पहले स्पेशल ट्रेन झारखण्ड के लिए रवाना हुई.

शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास पर हुई एक अहम बैठक में फैसला लिया गया कि दुसरे राज्यों में फंसे लोगों को घर पहुँचाना जरूरी है. इस मीटिंग में पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा, गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री पीयूष गोयल, चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ जनरल बिपिन रावत, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा शामिल रहे. इस बैठक के बाद रेलवे एक्टिव हुई और सभी जोन को निर्देश भेजा गया कि वे राज्‍यों से उनकी डिमांड का पता करें जिसके हिसाब से ट्रेन चलाई जा सके. इसके बाद रेल मंत्रालय ने ‘श्रमिक स्पेशल ट्रेन’ चलाए जाने का ऐलान किया है.

उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश ने महाराष्ट्र से अपने लोगों को लाने के लिए हरी झंडी दे दी है. जबकि बिहार सरकार अब भी असमंजस की स्थिति में है. रेलवे ने ऐलान किया है कि वो 6 रूटों पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाएगी. इनमें लिंगमपल्ली से हटिया, अलुवा से भुवनेश्वर, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना, नासिक से लखनऊ और कोटा से हटिया के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी.

रेल मंत्रालय ने बताया कि इन स्पेशल ट्रेनों को ऐसे फंसे हुए व्यक्तियों को लाने-ले जाने के लिए मानक प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. रेलवे और राज्य सरकारें इन ‘श्रमिक स्पेशल ट्रेन’ के सुचारू संचालन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगी. जिस स्टेशन से ट्रेन शुरू होगी उसी स्टेशन पर सभी यात्रियों की जांच की जायेगी. बिना लक्षण वालों को ही यात्रा की इजाजत दी जायेगी. प्रत्येक यात्री को अपना मुंह ढककर रखना होगा. साथ ही शुरूआती स्टेशन पर ही यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया जाएगा.