मोदी सरकार पर सवाल खड़े करने वाले राहुल गाँधी को पता ही नहीं देश में क्या चल रहा है और सरकार ये सब काम कर रही है

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के बारे में अक्सर कहा जाता है कि उन्हें देश के हालातों के बारे में सरकार के कामो के बारे में कोई जानकारी नहीं होती. वो बस वही बोलते हैं जो उनके करीबी उन्हें बोलने को कहते हैं. राहुल गाँधी की इसी आदत की वजह से कई बार उनकी फजीहत हो चुकी है. कई बार उनकी बातों का कोई सिर पैर नहीं होता लेकिन फिर भी वो चाहते हैं कि लोग उनकी बात मान लें.

कोरोना के संकट काल में राहुल गाँधी लगभग रोज ही प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं और सरकार से गरीबों और मजदूरों के लिए पैकेज की मांग कर रहे हैं. आज फिर उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और सरकार से गरीबों और मजदूरों के लिए 65 हज़ार करोड़ के पैकेज की मांग की. लेकिन ये मांग करते हुए व्वो भूल गए कि सरकार ने पहले से ही गरीबों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत 1 लाख 76 हज़ार करोड़ के पैकेज का ऐलान कर चुकी है और गरीबों के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर भी किये जा रहे हैं.

25 मार्च को जब लॉकडाउन के पहले चरण का ऐलान पीएम मोदी ने किया तो उसके बाद 26 मार्च को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहत पैकेज के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी. इसके तहत सरकार ने गरीबों को मुफ्त अनाज के साथ महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों के बैंक अकाउंट में नगद भुगदान का ऐलान भी किया था. तब से अब तक 39 करोड़ लाभार्थियों के अकाउंट में मदद राशि ट्रांसफर की जा चुकी है. अब तक कुल अब तक 34,800 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है.

नवभारत टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ अप्रैल महीने में 60.33 करोड़ लाभार्थियों को 6 लाख टन खाद्यान्न का वितरण किया गया. 20.05 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के खाते में 500 रुपये की पहली किस्त के तौर पर 10,025 करोड़ रुपए भेजे गए. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 8.19 करोड़ लाभार्थियों को पहली किस्त के तौर पर 5 मई तक कुल 16,394 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है.

लेकिन इनसब बातों से राहुल गाँधी को कोई मतलब नहीं है. उन्हें बस सरकार पर सवाल खड़े करने हैं. राहुल गाँधी 65 हज़ार करोड़ के पैकेज की रट लगा रहे हैं जबकि सरकार ने लॉकडाउन के पहले चरण में ही 1 लाख ७० हज़ार करोड़ के पैकेज के ऐलान के साथ ही तीसरे चरण में मजदूरों की घर वापसी के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी कर रही है.