राहुल गाँधी के मार्गदर्शक ने उठाया वायु सेना पर सवाल, प्रधानमंत्री मोदी से मिला ये जवाब

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पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद भारतीय वायु सेना IAF ने बालाकोट में जवाबी कार्रवाई करते हुए जैश को काफी नुकसान पहुँचाया था. लेकिन इसके बाद विपक्षी पार्टियाँ खास तौर पर कांग्रेस पार्टी ने भारत सरकार से इस एयर स्ट्राइक के सबूत मांगे थे.

देश को लग रहा था कि ये सबूत मांगने का सिलसिला अब ख़त्म हो गया है. लेकिन कल यानी 21 मार्च को कांग्रेस अध्यक्ष के सबसे करीबी माने जाने वाले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस चीफ सैम पित्रोडा ने वायु सेना को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि, “अगर आपने(वायुसेना ने) 300 लोगों को मारा है तो ठीक है. आप बस मुझे तथ्य दिखा कर इस बात को साबित कर दीजिये.”

आगे उन्होंने न्यू यॉर्क टाइम्स का हवाला देते हुए कहा व्यंग के लहजे में कहा कि क्या सच में 300 लोग मारे गए हैं मुझे नहीं पता. एक नागरिक के तौर पर मुझे पता होना चाहिए. अगर में पूछ रहा हूँ और पूछना मेरा कर्तव्य है. सैम पित्रोडा ये भूल गए कि देश में सवा सौ करोड़ और नागरिक भी हैं जिन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं चाहिए. ये सवा सौ करोड़ देश वासी वायु सेना कि बात पर और उनके शौर्य पर पूरा भरोसा रखते हैं.

सैम पित्रोडा यहीं नहीं रुके. आगे उन्होंने 26/11 मुंबई हमले के ऊपर भी एक असंवेदनशील बयान देते हुए पाकिस्तान को मुंबई हमले में क्लीन चिट दे दी.

उन्होंने कहा कि हमले होते रहते हैं, मुंबई में भी हमला हुआ था. हम भी उस समय रियेक्ट करके अपने जहाज़ पाकिस्तान भेज सकते थे. लेकिन हमने ऐसा नहीं किया क्योंकि ये सही एप्रोच नहीं होती. मेरे हिसाब से हमें दुनिया से ऐसे डील नहीं करना चाहिए. वे आगे कहते हैं कि आठ लोग आये और उन्होंने कुछ किया तो इसका मतलब ये नहीं कि हम एक पूरे देश को निशाना बना ले. ऐसा समझना बेवकूफी होगी कि कुछ लोगों ने हमला किया और हम पूरे देश को ही इस हमले का जिम्मेदार मान ले.

सबसे पहले सैम पित्रोडा आतंकवादियों को लोग कह के संबोधित करते हैं और कहते हैं कि कुछ लोगों द्वारा किया गये हमले का जिम्मेदार हम पूरे देश को नहीं ठहरा सकते. साथ ही वे एक ऐसा संकेत भी देते हैं कि जैसे वायु सेना को बालाकोट में एयर स्ट्राइक नहीं करनी चाहिए थी. सैम पित्रोडा शायद ये बात भूल गये कि एयर स्ट्राइक कि आलोचना पाकिस्तान के अलावा किसी देश ने नहीं की थी. आपको बता दे भारत सरकार और वायु सेना ने बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान कि जनता को जिम्मेदार नहीं ठहराया था. ने प्रेस कांफ्रेंस करके साफ़ कहा था कि ये एक असैन्य कार्रवाई है जिसके टारगेट्स सिर्फ जैश के आतंकी संगठन थे न कि पाकिस्तानी सेना और उसके सिविलियंस. सैम पित्रोडा उसी मानसिकता को दिखाते हैं जो किसी एक छोटे से गाँव में हुई हिंसा के आधार पर पूरे भारत को परिभाषित करते हैं. लेकिन जब बात पाकिस्तान की हो तो उसके बचाव में आकर खड़े हो जाते हैं.

सैम पित्रोडा के इस बयान पर सोशल मीडिया में भी उनकी बहुत आलोचना हो रही है. पित्रोडा के एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने के बयान का खंडन खुद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीटर पर एक ट्वीट के ज़रिये किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “ कांग्रेस अध्यक्ष के सबसे ज्यादा भरोसेमंद और मार्गदर्शक ने पाकिस्तान डे सेलिब्रेशन कि शुरुआत भारत सुरक्षा बालों को नीचा दिखा के की है.”

मुंबई हमले में अपनी अकर्मण्यता को छिपाने वाले पित्रोडा के बयान पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करके कहा, “कांग्रेस के शाही वंश के वफादार दरबारी ने ये स्वीकार कर लिया है कि कांग्रेस आतंकवादी ताकतों को जवाब देने के पक्ष में नहीं थी और ये बात देश पहले से ही जानता था.”

इसके आगे प्रधानमंत्री मोदी ने एक और ट्वीट किया और कहा कि “विपक्ष हमारे सुरक्षा बालों को बार बार अपमान कर रहा है. में जनता से अपील करता हूँ कि वे इन विपक्ष के नेताओं से सवाल करें.” प्रधानमंत्री मोदी ने इस ट्वीट में Hashtag जनता माफ़ नहीं करेगी का इस्तेमाल किया जिसके समर्थन में ट्विटर यूजर दिखे और ये hashtag कुछ ही देर में ट्विटर पर ट्रेंडिंग हो गया.

आपको बता दे ये पहली बार नहीं हुआ है कि किसी कांग्रेस के बड़े नेता ने एयर स्ट्राइक के सबूत मांगे हैं.

इसके पहले राहुल गाँधी के साथ-साथ कपिल सिब्बल, पी चिदंबरम, ममता बन्नेर्जी और महबूबा मुफ़्ती जैसे नेता भी एयर स्ट्राइक्स पर सवाल उठा चुके हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कहा था, ‘कांग्रेस के कुछ लोगों ने चर्चा की है, उसमें मैं नहीं जाना चाहता, लेकिन पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के जो जवान शहीद हुए हैं उनके परिवार वालों ने एक मांग उठाई है. उनकी भवना है कि हमें दुख पहुंचा है तो हमें दिखाइए कि क्या हुआ.’

लोक सभा चुनाव नज़दीक आ चुके हैं. विपक्ष द्वारा इस एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाना और इसका राजनीति करण विपक्ष के लिए घातक साबित हो सकता है.

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