मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के बीच चल रही आंतरिक कलह ने आखिरकार कमलनाथ सरकार को संकट में डाल दिया. ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत ने पूरी कांग्रेस पार्टी में हलचल मचा दी है. सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना इस्तीफा सोनिया गाँधी को सौंप दिया था और साथ ही उसमें पार्टी छोड़ने की वजह भी बता दी थी. पिछले कई दिनों से कांग्रेस के विधायकों के गायब होने की खबर आ रही थी, जिसके बाद सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.

जानकारी के लिए बता दें सिंधिया के इस्तीफा देने के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरना लगभग तय है क्योंकि अब उनके विधायकों की संख्या 92 ही रह गयी है और बहुमत के लिए 104 विधायकों की जरुरत है. मध्यप्रदेश में 6 मंत्रियों समेत विधायकों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के तुरंत बाद ही कांग्रेस को अलविदा कह दिया था, जिसके बाद कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल छा गये हैं. उधर कमलनाथ भी सरकार बचाने के लिए हर सम्भव कोशिश कर रहे हैं. सिंधिया के इस्तीफा देने के बाद राहुल गाँधी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और बड़ी बात कह दी है.

मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी ड्रामे के बीच जब राहुल गांधी से सिंधिया के इस्तीफा देने को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब में थैंक यू कह दिया. दरअसल सिंधिया को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को पहले ही शंका थी कि वह कभी भी ये काम कर सकते हैं. वहीं अब इस्तीफा देने के बाद कहा जा रहा है कि वह जल्द ही बीजेपी का दामन थाम सकते हैं और उन्हें मोदी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है.

गौरतलब है कि सूत्रों के अनुसार ये भी कहा जा रहा है कि इस्तीफा देने वाले सिंधिया समर्थक विधायकों में से 5 या 7 लोगों को मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है. वहीं शिवराज सिंह चौहान की एक बार फिर से ताजपोशी हो सकती है. वर्तमान में विधानसभा 228 विधायक वाली है. 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद 206 विधायक विधानसभा में रह गये हैं. ऐसे में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 104 है. बीजेपी के पास 107 विधायक हैं. जिसके बाद बीजेपी की सरकार बनना लगभग तय माना जा रहा है.