अमेठी में राहुल गाँधी के जनसंपर्क कार्यालय पर प्रशासन ने मारा छापा, जानिए क्या हुआ फिर

देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इस समय कोरोना का कहर छाया हुआ है. भारत में कोरोना के चलते लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है. जिससे इस महामारी से लोगों को बचाया जा सके. सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद भी कोरोना का कहर थम नही रहा है. पिछले 2 घंटे में 1500 से ज्यादा मरीजों के बढ़ने से सरकार की बैचेनी बढ़ गयी है.

जानकारी के लिए बता दें जहाँ एक ओर कोरोना के चलते पूरे देश में आवाजाही और अधिकतर चीजें बंद हैं वहीं दूसरी ओर स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी से बड़ी खबर आ रही है. अमेठी से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को लोकसभा चुनाव में शिकस्त देकर अपनी कामयाबी का हर तरफ झंडा लहरा दिया. स्मृति ईरानी ने राहुल गाँधी को उन्ही के संसदीय क्षेत्र से पटखनी देकर राजनीतिक जगत में इतिहास रच दिया था.

जहाँ एक ओर कोरोना को लेकर लॉकडाउन चल रहा है वहीँ दूसरी ओर उत्तरप्रदेश के अमेठी जिले में रविवार को राहुल गाँधी के जनसंपर्क कार्यालय पर प्रशासन का छापा पड़ गया जिसके बाद हड़कंप मच गया. छापा पड़ने के बाद वहां रखी राहत सामग्रियों की जाँच-पड़ताल की गयी जिसके बाद कांग्रेस ने राजनीति तेज कर दी और बीजेपी पर निशाना साधना शुरू कर दिया.

गौरतलब है कि अमेठी में राहुल के कार्यालय पर छापा पड़ने के बाद डीएम ने इस छापे के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया है. मिली जानकारी के अनुसार रविवार को तहसीलदार की अगुवाई में कुछ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम गौरीगंज स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंची. इसके बाद टीम सीधे राहुल गाँधी के जनसंपर्क कार्यालय गयी और वहां रखी राहत सामाग्री की जाँच की. ब्यौरा जुटाने के बाद टीम वापस चली गयी. इसके बाद एमएलसी दीपक सिंह ने ट्वीट कर मामले को हवा दे दी और बीजेपी पर इसका आरोप लगाना शुरू कर दिया.