EXCLUSIVE : राहुल गाँधी की आय और संपत्तियों पर संबित पात्रा ने किये कई खुलासे

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हाल ही में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को लेकर तमाम खुलासे किये, अब आप कहेंगे इसमें नया क्या है.. तो मैं आपको बता दूं इसमें नया है राहुल गाँधी की आय जो कि 10 साल 2004 से 2014 के बीच 1600 प्रतिशत बढ़ी है, जिसका पता इलेक्शन AFFIDAVIT यानि हलफनामे से चलता है, राहुल गांधी की सम्पति 2004 में 55 लाख से 2009 में 2 करोड़ और आखिरकार 2014 में 9 करोड़ रूपये हो गई.. 10 साल में 1600% संपत्ति का बढ़ना इसलिए संदेहात्मक है क्यूंकि राहुल गांधी कोई प्रोफेशनल नहीं है.. जैसे डॉक्टर इंजिनियर, MBA या कोई बिज़नेस.. उनकी जो एकमात्र वैध आय है वो है सांसदीय आय.. और उससे इतनी सम्पत्ती बना पाना संभव नहीं.

यहाँ आपको यह भी बताना जरूरी है कि 2011-12 में राहुल गाँधी   और उनकी माँ सोनिया गांधी दोनों आय से अधिक इनकम के एक मामले में आरोपित थे,  उस दौरान AJL के माध्यम से 155 करोड़ रुपए के एक मामले में,  आईटी विभाग ने राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी को 100 करोड़ रुपए का टैक्स नोटिस भेजा था। AJL का ये बकाया राहुल और सोनिया ने चुकाया नही था इसीलिए इन्हें नोटिस सर्व हुआ था

ये तो थी 2011 की बात अब आते हैं बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा की आज की प्रेस कांफ्रेंस पर जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की आय और उनमें घोटालों को लेकर तमाम खुलासे किये वो सारी बातें उससे पहले आपको यह भी बता दें कि प्रेस कांफ्रेंस में इन खुलासों से पहले संबित पात्रा ने भी कहा कि यह सारे फैक्ट्स सुबूतों पर आधारित हैं जो कि उनके पास मौजूद हैं.. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इनमें से किसी भी बात पर आपत्ति हो.. या गलत कहा गया हो तो वो उनपर DEFAMATION यानि मानहानि का दावा भी ठोक सकते हैं

अपनी प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी प्रवक्ता ने मुख्यतः चार मामलों पर बात की

  1. HL पाहवा लैंड DEALINGS
  2. इंदिरा फार्म हाउस, जिसमें राहुल और प्रियंका दोनों इन्वोल्व हैं और कैसे फार्म हाउस के जरिये करप्शन हुआ
  3. UNITECH – ये वो कंपनी है जो कि साल 2009 में सामने आये 2G स्पेक्ट्रम घोटाले में शामिल थी.. इस कंपनी के जरिये राहुल गांधी ने कितना और कैसे पैसा कमाया इस पर भी बात करेंगे
  4. BACKOPS लिमिटेड, इस LONDON बेस्ड कंपनी का राहुल गांधी ने 2004 में दायर हुए अपने चुनावी हलफनामे में ज़िक्र किया था

इन चारों ज़रियों से राहुल गांधी ने अपनी सम्पत्ती बढ़ाई..

  1. HL पाहवा लैंड DEALINGS केस

जमीन की खरीद फरोख्त में हेराफेरी का यह मामला आप सभी जानते हैं, यह मामला है राहुल उनकी बहन प्रियंका और उनके जीजा रोबर्ट वाड्रा का, यह तीनों HL पाहवा से कुछ 20-25 लाख में जमीन खरीदते हैं और फिर उसी जमीन को HL पाहवा को कुछ 2-4 महीने बाद करोड़ों में बेच देते हैं.. अब HL पाहवा के पास करोड़ों रुपया कहाँ से आएगा.. तो वो यह पैसा लेता था CC थम्पी से और थम्पी पैसा लेता था आर्म्स डीलर संजय भंडारी से

यहाँ सोचने वाली बात यह है कि कोई अपनी ही जमीन चंद लाख में बेचकर फिर करोड़ों में क्यूँ खरीदेगा?

तो यह तो है लैंड डीलिंग का मामला जिससे राहुल गांधी, उनकी बहन प्रियंका और जीजा रोबर्ट वाड्रा ने खूब पैसा बनाया.. और इन सारी जमीनों का ज़िक्र राहुल गांधी ने 2009 के अपने इलेक्शन AFFIDAVIT में किया हुआ है

  • 2राहुल गांधी और उनके परिवार की कमाई का दूसरा जरिया है दिल्ली के महरौली में स्थित इंदिरा फार्म हाउस जो कि राहुल और उनकी बहन प्रियंका के नाम पर रजिस्टर्ड है, अब देखिये इस फार्म हाउस के एजरिये वो कैसे भ्रस्टाचार कर रहे थे.. साल 2013 में राहुल प्रियंका ने अपने 4.69 यानि लगभग पांच एकड़ के अपने इस फार्म हाउस को 6.7 लाख रूपये प्रति महीने किराये पर FTIL (फाइनेंसियल टेक्नोलॉजीस india लिमिटेड) नामक कंपनी को दिया.. और यह किराया भी उन्होंने एडवांस पेमेंट में लिया.. ऐसा कहीं देखा है आपने? खैर.. यह पेमेंट थी 40.20 लाख की जिसे 20.10 लाख के दो अलग अलग चेक के जरिये दिया गया था.. 40.20 लाख रूपये का ये किराया 1 फरवरी 2013 से 22 अक्टूबर 2013 यानि लगभग 8 महीने 22 दिन के लिए दिया गया था, और इस आय का उन्होंने टैक्स भी जमा किया था ऐसा कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा..

यह तो आ गई अपनी प्रॉपर्टी को रेंट पर देने की बात.. अब आगे यह जानिये कि जिस कंपनी को इन्होने अपना फार्म हाउस रेंट पर दिया यानि FTIL, यह कंपनी NSEL कंपनी की सपोर्टिंग कंपनी है.. NSEL पर हम जोर इसलिए दे रहे हैं क्यूंकि यह वो कंपनी है जिसका नाम आपने साल 2013 में कई बार सुना होगा.. 2013 में एक बहुत बड़ा घोटाला हुआ NSEL.. जिसने करोड़ों का घोटाला कर पूरे देश में हलचल मचा दी थी.. NSEL यानि NATIONAL SPOT EXCHANGE LIMITED, यह कंपनी 2008 यानि जबसे UPA सरकार थी तबसे scam कर रही थी जिसका खुलासा हुआ साल 2013 में, और इसकी सपोर्टिंग कंपनी FTIL के मुंबई HQ पर पिछले साल march 2018 में सीबीआई रेड पड़ी, और साथ ही जिग्नेश शाह के ऑफिस और घर पर भी रेड पडी थी.

जून 2013 में जब तक यह घोटाला सामने आया था, तब इस कंपनी के पास राहुल प्रियंका की प्रॉपर्टी थी.. जिसका रेंट भी एडवांस में लिया गया था और कम्पनी द्वारा प्रॉपर्टी का इस्तेमाल भी नही हो रहा था..  क्यूंकि राहुल और प्रियंका इस कंपनी से काफी पैसा कमा रहे थे.. तो इसी के एवज में उन्होंने कम्पनी को खुली छूट दी हुई थी.. जुलाई 2007 में इस कम्पनी को कांग्रेस ने EXCEMPT यानि छूट दे दी थी फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट रेगुलेशन एक्ट से.. यानि कि इस फ्रॉड कंपनी की इन्वोल्वेमेंट कांग्रेस के साथ रही थी और यह कम्पनी का ब्लैक मनी वाइट में कन्वर्ट करने में उनका साथ देते थे जिसका सबूत है इंदिरा फार्म हाउस को किराए पर देने का यह मामला

आगे और सुनिए राहुल प्रियंका का यही फार्म house 2007-08 फाइनेंसियल इयर से 2012-2013 फाइनेंसियल इयर तक एक दुसरे औद्योगिक समूह को भी रेंट पर दिया गया गया था.. जिससे इन्होने 3 करोड़ रूपये कमाए थे.. और इससे भी ज्यादा इंट्रेस्टिंग बात यह है कि उस औद्योगिक समूह ने जिसने राहुल प्रियंका के इसी फार्म house को 3 करोड़ रेंट पर लिया उसका इस्तेमाल कभी किया ही नही.. रह उसमें राहुल और प्रियंका ही रहे थे. और अब जो आप सुनेंगे वो जानकर चौंक जायेंगे राहुल गांधी ने अपने चुनावी हलफनामे में इस प्रॉपर्टी की कीमत मात्र 9 लाख रूपये है.. फिर इसे कीमत से कई अधिक गुना रेंट पर कैसे दिया गया..

  • अब आते हैं राहुल गांधी की आय के तीसरे ज़रिये पर.. अक्टूबर 2010 में राहुल गांधी गुरुग्राम में 2 कमर्शियल प्रॉपर्टीज खरीदते हैं.. एक प्रॉपर्टी 1.44 करोड़ की और दूसरी 5.36 करोड़ की, गुरुग्राम के सिग्नेचर टावर्स 2 राहुल गांधी जिस कम्पनी से ये प्रॉपर्टी खरीदते हैं जिसके PROPRIETOR हैं UNITECH, 7 करोड़ की इन प्रॉपर्टीज का अग्रीमेंट सेल पेपर्स के मुताबिक़ पेमेंट लगभग 4 करोड़ किया गया, ऐसा पेपर्स में MENTION है.. इसके ऊपर की पेमेंट हुई या नहीं इसका कहीं किसी कागज़ में कोई ज़िक्र नही है,

इससे भी ज्यादा हैरानी आपको अब यह जानकर होगी कि इस 4 करोड़ पर इन्होने फाइनेंसियल इयर 2010-11 से FI 2014 -15 तक इंटरेस्ट इनकम भी लिया है… यानि कि 4 करोड़ देकर 7 करोड़ की प्रॉपर्टी भी ले ली और 5 साल तक उसपर ब्याज भी लिया जा रहा है.. मतलब यह था क्या.. ??

अब आगे सुनिए और भी मजेदार बात ये प्रॉपर्टी राहुल गांधी ने जिस कंपनी से खरीदी थी उसका नाम है UNITECH.. और इसी UNITECH कंपनी कि सब्सिडियरी बॉडी है UNITECH WIRELESS.. जी हाँ.. और UNITECH वायरलेस का नाम आया था 2G scam में.. रातों रात यह कंपनी घोटाले करके खरबों रूपये की प्रॉपर्टी बन गई थी, यह पूरा मामला CAG यानि कैग रिपोर्ट में आया था

अब एक बार इस केस की टाइमलाइन भी देख लेते हैं

अक्टूबर 2009 में सीबीआई 2G स्पेक्ट्रम का केस रजिस्टर करती है

8 अक्टूबर 2010 को सुप्रीम कोर्ट कहती है कि UPA की सरकार CAG की रिपोर्ट सबमिट करे

और अक्टूबर 2010 में ही राहुल गांधी ये दोनों प्रॉपर्टी खरीदते हैं, किस्से खरीदते हैं.. उस कंपनी से जिसका नाम 2G स्पेक्ट्रम घोटाले में शामिल था जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी कम्पनी का डायरेक्टर संजय चन्द्र जेल में बंद थे.. वो साल 2012 में छूटे

  • अब आते हैं BACKOPS पर, BACKOPS लिमिटेड लन्दन की कंपनी है

राहुल गांधी ने 2004 में अपने इलेक्शन AFFIDAVIT में यह कहा कि बच्कोप्स लिमिटेड में उनकी प्रॉपर्टी है और तीन यूरोपियन एकाउंट्स में उन्होंने इन्वेस्ट किया है जो कि HSBC, UK के हैं जहाँ पर उनकी रकम मौजूद है..

साल 2009 में BACKOPS LIMITED DISSOLVE हो गई, 2009 के इलेक्शन से ठीक पहले जब नॉमिनेशन फाइल किये जा रहे थे , इस कंपनी में राहुल गांधी का 83% हिस्सा था.. कम्पनी 2009 में DISSOLVE हुई और अपनी लास्ट बैलेंस शीट फाइल करती है 31st march 2010 में

अब यहाँ सवाल यह उठता है कि अगर कम्पनी 2009 में बंद होती है तो उसका वो 83% हिस्सा कहाँ गया जो राहुल गांधी के पास था, जाहिर यह यह हिस्सा उन्होंने बेचा होगा तो उसकी रकम आई होगी तो उस रकम का किसी भी कागज़, किसी भी स्टेटमेंट में, इलेक्शन AFFIDAVIT में ज़िक्र क्यूँ नही हुआ.. आप इतना सब कुछ इलेक्शन कमीशन से छुपा रहे थे

जिसमें जमीनी घोटाले से आ रही आय थी

फार्महाउस के जरिये घोटालेबाजों के काले धन को सफ़ेद कर रहें हैं

प्रॉपर्टीज खरीदने के बहाने घोटालेबाजों को पैसे दे रहे थे और उस पर ब्याज भी ले रहे थे

और इलेक्शन कमीशन से अपनी आय के स्रोत छिपा रहे थे

तो यह थी संबित पात्रा की वो प्रेस कांफ्रेंस जिसमें राहुल गांधी की 10 साल में अनापेक्षित तरीके से 1600% आय बढ़ने के सारे ज़रियों का, घोटालों का उन्होंने खुलासा किया और साथ ही साथ तथ्यों को झूठा साबित करने की चुनौती भी दी.. और यह भी कहा कि अगर तथ्य सही हैं तो इनका जवाब दें क्यूंकि अगला चुनावी शपथ पत्र दाखिल करने का समय भी आ गया है