राहुल गाँधी का सनसनीखेज आरोप, ‘बाहर से लोगों को बुलाकर विपक्षी सांसदों को सदन के अंदर पिटवाया गया’

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संसद का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहा. पेगासस मामले को लेकर विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया जिस वजह से कई दिनों तक संसद की कार्रवाही बधित हुई. अब मानसून सत्र की समाप्ति के बाद गुरुवार को विपक्षी पार्टियों द्वारा साझा मार्च निकाला गया. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई में निकले इस मार्च में एक दर्जन से अधिक विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए. इस दौरान राहुल गाँधी ने सरकार पर काफी गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाये. राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि पहली बार राज्यसभा में सांसदों की पिटाई की गई. उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. हालाँकि राहुल गाँधी के इन आरोपों की कोई पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है.

जंतर मंतर पर हुए अपने संबोधन में राहुल गाँधी ने कहा आज देश में संविधान पर हमला हो रहा है. नरेंद्र मोदी किसानों पर अत्याचार करते हैं, नोटबंदी-जीएसटी लागू करके छोटे उद्योगों खत्म कर दिया. देश की संसद में पहली बार सांसदों की पिटाई की गई. राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने सिर्फ अपने उद्योगपति दोस्तों को फायदा किया, कोरोना काल में सरकार ने गरीबों की मदद नहीं की. देश की जनता को सबकुछ समझ आ रहा है, धीरे-धीरे सरकार के खिलाफ आवाज़ उठ रही है. 

राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि पहली बार राज्यसभा में सांसदों की पिटाई की गई, बाहर से लोगों को बुलाया गया और सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गई. सदन चलाने की जिम्मेदारी चेयरमैन की है लेकिन विपक्ष को बात रखने से रोका गया. विपक्ष संसद के अंदर कोई भी बात नहीं कर सकता है. हालाँकि राहुल गाँधी ने विपक्षी सांसदों की पिटाई की बात किस आधार पर कही ये तो वही जाने. क्योंकि किसी ने भी ऐसा नहीं देखा लेकिन सदन के अन्दर विपक्षी सांसदों ने जिस तरह से हंगामा किया वो सबने देखा.