इस दशहरा रावण के साथ राफेल की शस्त्र पूजा देख लिबरल के कलेजे भी जल उठे

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विजयदशमी के दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राफेल लड़ाकू विमान को लेने के लिए पेरिस पहुंचे हुए थे. राजनाथ सिंह ने पहले राफेल की शस्त्र पूजा की. उसके बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल हो गई. राफेल पर ॐ लिखते राजनाथ सिंह, बगल में रखा नारियल, चन्दन, मौली और पहियों के नीचे रखे निम्बू. ये महज एक भारतीय रीती रिवाज और परंपरा का पालन करने वाली चीजें नहीं है बल्कि ये वो चीजें हैं जिसने देश के लिबरल और तथाकथित सेक्युलर गैंग के कलेजे को जला कर राख कर दिया.

विजयादशमी के दिन मंगलवार देर शाम को देश में सिर्फ रावण नहीं जला बल्कि जैसे ही राफेल के शस्त्र पूजा की तस्वीरें मीडिया में आई लिबरल के कलेजे भी जल उठे. इसे नौटंकी बताया जाने लगा और सोशल मीडिया पर “हैशटैग राफेल पूजा पॉलिटिक्स” भी ट्रेंड करने लगा.

इस दृश्य को देख कर सबसे पहली और तीखी प्रतिक्रिया कांग्रेस की तरफ से आई. कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा राफेल विमान रिसीव करने पर ही सवाल कर दिया. उन्होंने कहा कि आखिर इसे रक्षा मंत्री ने क्यों रिसीव किया. ये काम वायुसेना भी कर सकती थी. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक नया लड़ाकू विमान ही है जो हमें मिल रहा है.

संदीप दीक्षित यहीं नहीं रुके. वो तो इतने तिलमिलाए हुए थे कि उन्हें विजयादशमी पर राफेल लाने की मंशा में भी खोट नज़र आई. उन्होंने कहा विजदशमी और राफेल विमान की जोड़ी मैच नहीं खाती है. दशहरा एक त्योहार है, जिसे हम सभी मनाते हैं. लेकिन आप इसे आने वाले एयरक्राफ्ट से क्यों जोड़ रहे हैं. सरकार को कोसते हुए कहा, इस सरकार की यही दिक्कत है कि काम से ज्यादा नौटंकी की जाती है.

वैसे कांग्रेस का तिलमिलाना जायज भी था. जिस राफेल के सहारे उसने सत्ता में वापसी के ख्वाब देखा हो, जिस राफेल सौदे को रोकने के लिए उसने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया हो, जिस राफेल के जरिये उसने नरेंद्र मोदी को चोर साबित करने की हसीन सपने देखे हो, उस राफेल का इस तरह से स्वागत होते देख उसका तिलमिलाना तो जायज था.

वैसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का खुद राफेल को रिसीव करने जाना यूँ ही नहीं था. ये प्रतीकात्मक था. ये प्रतीक था कांग्रेस के उस झूठ की हवा निकालने की जिसके जरिये चौकीदार चोर है की थ्योरी गढ़ी गई. इस दशहरा सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव नहीं मनाया गया बल्कि भाजपा ने राफेल के जरिये कांग्रेस के झूठ पर अपनी सरकार के सच की जीत का उत्सव मनाया.

बात अगर राजनीति से हट कर करें तो सोशल मीडिया पर कई लोग ऐसे थे तो राफेल की पूजा पर तंज कस रहे थे. एक मीम वायरल हुआ, जिसमे लिखा था देश की सुरक्षा राफेल के भरोसे और राफेल की सुरक्षा निम्बू के भरोसे. ये वही लोग थे जो साइकिल खरीदने के बाद उसकी भी पूजा मंदिर में करते हैं और फिर सोशल मीडिया पर ज्ञान देते हैं. खैर इन लिबरल और खुद को प्रोग्रेसिव साबित करने वाले इन लोगों की क्या बात करना. इन्हें तो ये भी नहीं पता कि विजयदशमी पर भारत में शस्त्र पूजा की परम्परा रही है. ये तो भारतीय मान्यताओं और परम्पराओं का मज़ाक उड़ा कर अपने सुलगे कलेजे पर मरहम लगाने की कोशिश कर रहे थे. हम समझ सकते हैं कि राफेल पर ॐ, नारियल, मौली और चन्दन देख कर उन्हें कितना दर्द हो रहा होगा.