बिहार में बवाल, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव लॉकडाउन तोड़ कर अपने समर्थकों संग रेड जोन वाले गोपालगंज जाने पर अड़े

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प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी के बाद बिहार में कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. राज्य में अब तक 3000 से अधिक कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं. राज्य के लिए ये चुनावी साल है इसलिए राजनीति भी तेज है. राजनीति साधने के लिए न तो सरकार और प्रशासन के आदेशों का पालन किये जा रहा है और न कोरोना के खतरे की परवाह की जा रही है. राज्य में राजनीतिक सरगर्मी इतनी तेज हो गई कि बवाल हो गया. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने समर्थकों संग लॉकडाउन की धज्जियाँ उड़ा कर गोपालगंज के लिए रवाना हो रहे हैं. आवास से बाहर निकली गाड़ी को पुलिस ने रोक दिया है . बड़ी संख्या में वहां राजद कार्यकर्ताओं का जमावड़ा है. ऐसे में अगर उनसे में कोई भी कोरोना पॉजिटिव हुआ तो वो कितनो को संक्रमण दे देगा इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती.

मामला दरअसल ये है कि गोपालगंज में ट्रिपल म’र्डर की वार’दात को अंजाम दिया गया. चूँकि चुनावी साल है इसलिए इस घटना के बाद राजनीति तेज हो गई. नाराज तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को घेरने के लिए गोपालगंज जाने का ऐलान कर दिया. उन्होंने अपने सभी विधायकों को भी आदेश दिया कि गोपालगंज की ओर कूच किए जाए. गोपालगंज रेड जोन में है इसलिए उन्हें रोकने के लिए प्रशासन ने भी एड़ी चोटी का जोर लगा दिया. हालात काबू करने रैपिड एक्शन फ़ोर्स की तैनाती की गई है.

पटना के एसएसपी विनय तिवारी ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से कोई राजनीतिक कार्यक्रम की इजाजत नहीं है. इस वजह से हमने किसी भी तरह की इजाजत नहीं दी है और कोशिश की जा रही है कि लॉकडाउन के नियमों का पालन हो. घर से बाहर गाड़ी आ गई है, लेकिन हम अपनी ओर से प्रयासरत हैं. इधर तेजस्वी यादव का कहना है कि हम पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं. अपराधियों के लिए कोई लॉकडाउन नहीं है राज्य में लेकिन हमारे लिए हैं.