आज की चौपाल- ‘मुलायम की उम्र हो गई है इसलिए उनको याद नहीं रहता’

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मुलायम की उम्र हो गई है इसलिए उनको याद नहीं रहता की क्या बोल रहे है..भाई ये हम नहीं बोल रहे है…ये बयान राजनीति गलियारे से आई है..बड़ी खबरों में आगे क्या है..केजरीवाल को चुनावों में तो झटके लगते ही रहते है लेकिन सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लग गया है…ये दोनों खबरें विस्तार से यहां पढ़िए

1….राजनीतिक गलियारे में सबसे बड़ा मुद्दा क्या है…मुलायम सिंह यादव द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिया गया बयान, इस समय चर्चा का विषय बन गया है. गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव ने 13 फरवरी को लोकसभा में कहा था कि वह कामना करते हैं कि नरेंद्र मोदी एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री बनें, और जो सदस्य सदन में मौजूद हैं दोबारा जीत कर आएं..इस बयान के बाद ही लगातार राजनीतिक बयान आ रहे हैं..राजनीति में उठापटक मच गया है…और इसी बीच बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मुलायम सिंह के बयान पर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि उनकी उम्र हो गई है, याद नहीं रहता है कि कब-क्या बोल देंगे. ऐसे में उन्होंने जो कहा वह मायने नहीं रखता है.

वहीं, समाजवादी पार्टी के संरक्षक के इस बयान के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उनका धन्यवाद किया. मुलायम सिंह के बयान देते ही सदन में ठहाके गूंजने लगे थे और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम के नारे भी लगाए…चलिए हम भी जय श्री राम के नारे के साथ खबरों में आगे बढ़ते हैं…

2..दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार को झटका देते हुए ऐंटी-करप्शन ब्यूरो को केंद्र के अधीन रखा है, हालांकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सेवाओं पर नियंत्रण किसके पास है, इसपर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की राय अलग-अलग रही। ऐसे में SC ने राष्ट्रीय राजधानी में सेवाओं के नियंत्रण पर अपना खंडित फैसला बड़ी बेंच के पास भेज दिया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की उस अधिसूचना को बरकरार रखा है कि दिल्ली सरकार का एसीबी भ्रष्टाचार के मामलों में उसके कर्मचारियों की जांच नहीं कर सकता है। ऐंटी-करप्शन ब्रांच केंद्र के अधीन रहेगी क्योंकि पुलिस केंद्र के पास है। SC ने कहा कि केंद्र के पास जांच आयोग नियुक्त करने का अधिकार होगा। फैसले के तहत स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर की नियुक्ति का अधिकार दिल्ली सरकार के पास रहेगा। रेवेन्यू पर एलजी की सहमति लेनी होगी। इलेक्ट्रिसिटी मामले में डायरेक्टर की नियुक्ति सीएम के पास होगी। ये तो रहा सुप्रीम कोर्ट का फैसला..बीते चुनावों में केजरीवील को झटका लगता रहा है वैसे ही सुप्रीम कोर्ट से लगा है..ये तो केजरीवाल के लिए बहुत ही बुरी खबर है..