दिल्ली के कई इ’लाकों में वोटिंग में देरी, क्या थे इसके मुख्य कारण

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दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी. इसके लिए वोटिंग की जा चुकी है और 11 फरवरी को नतीजे भी आ जाएंगे. जिससे पता चल जायेगा की इस बार दिल्ली की सत्ता पर कौन अपना व’र्चस्व कायम करेगा. जिसके लिए EVM मशीन में दिल्ली के सभी उम्मीदवारों की किस्मत को कै’द कर दिया गया हैं. लेकिन अभी तक आये सभी एग्जिट पोल में AAP पार्टी को बहुमत के साथ सीटें मिलती हुई दिख रही हैं और बीजेपी की भी सीटें दिखाई दे रही हैं. लेकिन कांग्रेस का नामोनिशान भी नहीं दिख रहा.

लेकिन इस बार चुनाव प्रकिया में वोटिंग को आसान बनाने के लिय QR कोड जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया हैं. जिसमें लोगो ने अपने वोट को QR कोड को स्कैन करके वोट दिया. ऐसा पहली बार हुआ हैं जब QR कोड के द्वारा वोटिंग की गयी हैं और मोबाइल फ़ोन जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया हैं. लेकिन कुछ जगहों पर QR कोड स्कैन होने में देरी की वजह से भी वोटिंग करने में देरी हुई जिसकी वजह से लोगों की लम्बी लाइन्स लग गयी.

आपको बता दें QR कोड में देरी होने का कारण सिर्फ इंटरनेट में देरी होना था. कुछ जगहों पर इंटरनेट की स्पीड अच्छी आ रही थी और कुछ जगहों पर स्पीड कम होने की वजह QR कोड स्कैन होने में टाइम लगा जिसकी वजह से देरी हुई और लोगों की मतदान केन्द्रों के बाहर लम्बी लाइन लग गयी. दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान 11 केन्द्रों पर ही यह सुविधा दी गयी.  दिल्ली के सुल्तानपुरी माजरा, छतरपुर, बल्लीमारान, बिजवासन, त्रिलोकपुरी, राजौरी गार्डन, शकुर बस्ती, नई दिल्ली, रोहतास नगर, जंगपुरा और दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के कुछ बूथों पर क्यूआर कोड वाली पर्ची भी जारी की गयी.दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भी इसका इस्तेमाल महाराष्ट्र में वोटिंग के दौरान किया गया था. जिसके बाद दिल्ली में यह तकनीक अपनायी गयी.