कोरोना वायरस का कहर बढ़ता हुआ नज़र आ रहा है. भारत में आये दिन कोई ना कोई मरीज सामने आ जाता है. महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना के केस सामने आये है. आज तक महाराष्ट्र में 89 कोस कोरोना के पकड़े गये हैं. जिसको लेकर पूरा महाराष्ट्र बंद करने की कगार पर है. जबकी कुछ जगह लॉकडाउन हो चुका है. आज तो मुम्बई-पूणें एक्सप्रेसवे पर भी जनता की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी है.कोरोना को देखते हुए पंजाब ने भी अपने प्रदेश वासियों के लिए कड़े कदम उठायें हैं.

केंद्र सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए कई तरीके की तैयारी कर रखी है. कोरोना को देखते हुए मोदी ने कल यानी रविवार के दिन जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था. जिसे काफी असर पड़ा. लेकिन कुछ लोगो ने इसको गलत तरीके से लिया और सड़क पर उतर आयें. जबकी इसमें लोगो से दूरी बना के रखना है. कोरोना को देखते हुए राज्य सरकार भी जी जान से लगी हुई हैं.

वहीं पंजाब सरकार ने देश के अलग-अलग इलाकों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने राज्य सरकारों की टेंशन बढ़ा दी है. पंजाब में अमरिंदर सरकार ने लॉकडाउन के ऐलान के बीच कोरोना के कहर को रोकने के लिए सभी 22 जिलों में कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है. कोरोना का चलते कर्फ्यू लगाने वाला ये देश का यह पहला राज्य है.  उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद सीएम अमरिंदर सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं.

पंजाब में अधिकारियों ने बताया कि लोग लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे थे, इसलिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कर्फ्यू की घोषणा की हैं. एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ मिलकर हालात की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बिना किसी ढील के पूर्ण रूप से कर्फ्यू लगाए जाने की घोषणा की है. लोग अब भी बड़ी संख्या में घरों से निकल रहे थे, इसलिए कर्फ्यू लागू किया गया हैं.

लोगों को इतना समझाने के बाद भी समझ में नही आता है. कि ये बीमारी फैतने से एक दूसरे के अंदर आती है. लिन फिर भी लोग पता नही क्यो बाहर आ निकल जाते हैं. लोगो से अनुरोध है कि वो लोग अपने घर में रहें. कोरोना से खुद को और सभी लोगो को बचायें.