वोटबैंक की मजबूरी देखिये, जिस कांग्रेस के लिए राम काल्पनिक थे, उसी कांग्रेस की राजकुमारी प्रियंका गांधी आज कह रही हैं ‘राम सब के हैं और राम सब मे हैं’

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जब आपको अपने अल्पसंख्यक वोटबैंक को भी खुश करना हो और खुद को अपने से दूर हो चुके बहुसंख्यकों का हितैषी भी साबित करना हो तो आप वैसा ही बयान देंगे जैसा प्रियंका गांधी दे रही है. एक डिप्लोमेटिक बयान, न तो भूमिपूजन पर ज्यादा आनंद ही मनाना है ताकि अल्पसंख्यक वोटबैंक खुश रहे और बेहद नपे तुले शब्द में बधाई भी देनी है ताकि बहुसंख्यक भी खुश हो जाए. भूमिपूजन से एक दिन पहले आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने एक सन्देश जारी किया है. लेकिन केवल इस बात पर जोर दिया गया है कि कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता का सूत्रधार बने. प्रियंका ने कहा है ‘राम सबमें हैं और राम सबके साथ हैं. कितनी अजीब बात है न कि कभी जिस राम को काल्पनिक बताने के लिए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देना पड़ा था कांग्रेस को आज उसी राम को सबका बता रही है कांग्रेस.

प्रियंका गांधी ने ट्विट कर कहा, ‘सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु राम नाम का सार है. राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं. भगवान राम और माता सीता के संदेश और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बने. जय सियाराम.’ इस ट्वीट में उन्होंने एक चिट्ठीनुमा सन्देश भी संलग्न किया जिसमे लिखा था कि ‘दुनिया और भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति में रामायण की गहरी और अमिट छाप है. राम शबरी के हैं, सुग्रीव के भी हैं. कबीर के हैं, तुलसीदास के हैं, रैदास के भी हैं. गांधी के रघुपति राघव राजा राम सबको सन्मति देने वाले हैं. वारिस अली शाह कहते हैं- जो रब है, वही राम है.’ कुल मिला कर प्रियंका कहना चाहती है कि ये कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता का सूत्रधार बने.

कांग्रेस से सम्बंधित एक एक ट्विटर हैंडल से राम नाम की बरसात हो रही है. ऐसा लग रहा है एक त्रेता युग में हनुमान एक राम भक्त थे और कलियुग में कांग्रेस राम भक्त है. ये अचानक जो कांग्रेस के ह्रदय से राम नाम की गंगा बह रही है वो स्वेच्छा से नहीं बह रही बल्कि ये तो मजबूरी में बहाना पड़ रहा है. कांग्रेस ने अल्पसंख्यक वोटबैंक के तुष्टिकरण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी और भाजपा ने थोडा सा मेहनत करते हुए कांग्रेस के ऊपर हिन्दू विरोधी का टैग चिपका दिया. कांग्रेस आज तक उस टैग से छुटकारा पाने को छटपटा रही है. और ये राम नाम के धुन पर वो नाच रही है, वो उसी छटपटाहट का नतीजा है.