भाई की मौत के बाद भी जो महिला डटी रही ड्यूटी पर, उसी के साथ प्रियंका गाँधी ने किया ये गलत काम

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शनिवार को लखनऊ के साथ साथ देश का राजनितिक माहौल तब अचानक गरमा उठा, जब कांग्रेस की उपाध्यक्ष प्रियंका गांधी ने लखनऊ के मॉर्डन कंट्रोल रूम की आइपीएस ऑफिसर और सीओ अर्चना सिंह पर गला दबाने और धक्का देने का आरोप लगाया. प्रियंका गाँधी नागरिकता संशोधन क़ानून और NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थीं.

प्रियंका के आरोपों के बाद देश का सियासी पारा चढ़ गया. जिस वक़्त प्रियंका गांधी ने सीओ अर्चना सिंह पर ये आरोप लगाया उस वक़्त अर्चना सिंह उन्ही के फ्लीट की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही थीं. प्रियंका के आरोपों पर अर्चना सिंह ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ और प्रियंका गाँधी की तरफ से झूठा आरोप लगाया जा रहा है. अर्चना सिंह के बयान के बाद जब प्रियंका गाँधी के झूठ की पोल खुलने लगी तो वो अपने बयाना से पलट गईं. उन्होंने कहा कि सिर्फ गला पकड़ने की बात कही थी. दबाने की नहीं.

आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि जिस महिला अधिकारी पर प्रियंका गाँधी ने ऐसा गलत इल्जाम लगाया, उनके भाई की मौत सुबह सुबह ही हुई थी. लेकिन इसके बावजूद सीओ अर्चना सिंह अपने ड्यूटी पर पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहीं. दुःख के माहौल में अर्चना सिंह कांग्रेस उपाध्यक्ष के बर्ताव और आरोपों से बेहद आहत हुईं. लेकिन उन्होंने अपनी भावुकता को अपने कर्तव्य के आड़े नहीं आने दिया.

अर्चना सिंह अपने जिस चचेरे भाई के साथ बचपन में खेल कर बड़ी हुई उन्हें देखने अस्पताल भी नहीं जा सकीं क्योंकि उन्हें छुट्टी नहीं मिल सकी थी. अब अर्चना सिंह ने अपने भाई के अंतिम संस्कार में बिहार जाने की अनुमति मांगी है.