प्रियंका गाँधी के आरोपों की उन्ही की सुरक्षाकर्मी ने उड़ाई धज्जियाँ

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी अपने दो दिन के प्रवास  पर लखनऊ आई हैं, और गिरफ्तार हुए पूर्व आइपीएस एस.आर. दारापुरी के परिजनों से मिलने इंदिरानगर स्थित उनके आवास के लिए रवाना हुईं, लेकिन रास्ते में ही उनके काफिले को पालिटेक्निक चौराहे पर पहुँते ही रोक लिया गया.उसके बाद वो गाड़ी से उतकर पैदल मार्च करते हुए निकल पड़ीं.

दरअसल प्रियंका गाँधी कांग्रेस का स्थापना दिवस मनाने के लिए लखनऊ आई थीं, लेकिन इसी बीच जब उनके काफिले को पुलिस प्रशासन ने रोका तो वहां अलग ही स्थिति पैदा हो गयी, पुलिस के इस एक्शन पर उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी गाड़ी को जबरन लोहिया पार्क के सामने रोक लिया था.

प्रियंका के मुताबिक पुलिस ने उनसे कहा कि वो इससे आगे नही जा सकतीं हैं, इसके बाद जब वो गाड़ी से उतकर पैदल जाने लगीं तो पुलिसकर्मियों ने उनको रोक लिया और गला दबाने की कोशिश की गई. इस तरह के आरोप भी उन्होंने पुलिस पर लगाये हैं. जब ये सब हुआ तो इस दौरान कांग्रेस के कई बड़े नेता वहां पुलिस से बहस करते भी दिखे. ये सब होने के बाद फिर प्रियंका गाँधी पैदल मार्च करते हुए निकलीं, लेकिन जिस तरह के आरोप वो लगा रहीं हैं उसके मुताबिक पुलिसकर्मियों ने उनको घेर रखा था. अपनी आगे की यात्रा को तय करने के लिए प्रियंका गाँधी एक कार्यकर्ता की स्कूटी से दारापूरी के घर पहुँचीं.

कांग्रेस माहासचिव प्रियंका गाँधी ने एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि मैं नए नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार हुए रिटायर्ड आईपीएस अफसर एस आर दारापुरी के परिजन से मुलाकात करने पार्टी के राज्य मुख्यालय से निकली थी जहाँ पुलिस ने हमें रोक लिया. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होने कहा कि मैं गाड़ी से उतकर पैदल चलने लगी, इसी बीच पुलिस द्वारा मुझे घेरा गया और एक महिला पुलिसकर्मी  ने मेरा गला दबाने की कोशिश की, मुझे धक्का दिया गया और मैं गिर गई. आगे चलकर फिरसे मुझे जब पकड़ा गया,तो मैं एक कार्यकर्ता की टू व्हीलर से निकली.

प्रियंका गाँधी के कार्यालय ने सीआरपीएफ को लिखित शिकायत दी है और कहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के द्वारा प्रोटोकॉल तोडे जाने का जिक्र किया गया है. इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए प्रियंका गाँधी ने महिला पुलिसकर्मी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है उनके इस बयान पर उस महिला पुलिसकर्मी ने भी सफाई पेश की है, यूपी पुलिस की महिला अधिकारी अर्चना सिंह का कहना है कि प्रियंका गाँधी पहले से तय रास्ते से ना जाकर दूसरे रास्ते पर पहुँच गई थीं.

सुरक्षा को देखते हुए काफिले को रोकना पड़ा, अपनी सफाई में अर्चना सिंह ने ये भी कहा कि सोशल मीडिया पर प्रियंका गांधी का गला पकड़ना और उन्हे गिराने जैसी कुछ भ्रामक बातें की जा रही हैं.जो कि सरासर गलत हैं.