प्रणब मुखर्जी, भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को दिया गया भारत रत्न सम्मान

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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को गुरुवार राष्ट्रपति भवन में भारत रत्न से सम्मानित किया गया . जनसंघ के नेता नानाजी देशमुख और प्रसिद्द गायक भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया. गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत रत्न की घोषणा की गई थी . भूपेन हजारिका के बेटे तेज हजारिका और नानाजी देशमुख की ओर से दीनदयाल रिसर्च इंस्टीट्यूट के चेयरमैन वीरेंद्रजीत सिंह ने यह सम्मान ग्रहण किया.

प्रणब मुखर्जी 2017 में ही राष्ट्रपति पद से रिटायर हुए थे इसलिए जब उन्हें भारत रत्न देने की घोषणा की गई तो सबको आश्चर्य हुआ .चुनाव नजदीक थे और भाजपा की नज़र बंगाल पर थी इसलिए ये बातें भी उठी कि बंगाल को ध्यान में रखकर प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिया गया है . प्रणब मुखर्जी की गिनती कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से होती रही है, जो अपने पूरे राजनीतिक जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के खिलाफ लड़ते रहे. लेकिन फिर भी उनके  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अच्छे संबंध रहे हैं.

भूपेन हजारिका प्रसिद्ध असमिया कवि और संगीतकार थे . उन्होंने कला के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने असम की संस्कृति को कला के जरिए व्यापक पैमाने तक पहुंचाया. जबकि नानाजी देशमुख भारतीय जनसंघ के विचारक और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं और समाजसेवा से जुड़े रहे .