सरकार ने शुरू कर दी जनसँख्या नियंत्रक क़ानून की तैयारी

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नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर देश में मचे बवाल के बीच सरकार ने अपने अगले मिशन की तरफ कदम बाधा दिया है. यानी कि जनसँख्या नियंत्रक क़ानून. इस सिलसिले में नीति आयोग शुक्रवार को जनसंख्या नियंत्रण पर एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहा है. इस बैठक में जनसंख्या नियंत्रण पर ड्राफ्ट रोडमैप तैयार किया जाएगा. जो जानकारी निकल कर आ रही है उसके मुताबिक बैठक में पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया,विषय से जुड़े जानकार, विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहेंगे. बैठक में जनसंख्या नियंत्रण की नीति को मजबूत करने और परिवार नियोजन के कार्यक्रमों पर चर्चा होगी.

भाजपा लम्बे समय से जनसँख्या को नियंत्रित करने के लिए क़ानून बनाने की बात करती रही है. 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से भाषण देते हुए पीएम मोदी ने जनसंख्या नियंत्रण का जिक्र किया था. नीति आयोग की बैठक से निकले सुझावों पर नीति आयोग एक डॉक्युमेंट तैयार करेगा जिसमें जनसंख्या नियंत्रण का एक व्यापक विजन होगा और इसे लागू करने के तरीकों का भी जिक्र होगा.

भाजपा अब तक अपने चुनावी मेनिफेस्टो के ज्यादातर वादों को पूरा कर चुकी है. तीन तलाक के खिलाफ क़ानून बन चूका है. कश्मीर से आर्टिकल 370 हट चूका है. राम मंदिर का मसला भी कोर्ट हल कर चूका है. नागरिकता संशोधन बिल भी संसद से पास हो चूका है. NRC को लेकर चर्चाएँ है. हालाँकि CAA पर जारी बवाल के बीच सरकार इसपर जल्दीबाजी में कोई कदम उठाएगी ऐसा लगता नहीं. जनसँख्या नियंत्रण क़ानून को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है और इसके बाद यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर सरकार कदम बढ़ाएगी.