महज 21 साल का था पुंछ के शाहपुर सेक्टर में शहीद हुआ हमारा जवान

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पाकिस्तान ने एक बार फिर एक बार जम्मू कश्मीर के पूंछ और नोशेरा में LOC पर सीज़फायर का उल्लंघन किया है..पाकिस्तान से हो रही इस गोलीबारी में राजस्थान के नागौर जिले के जूसरी निवासी एक जवान हरीराम भाकर शहीद हो गये..उनका पार्थिक शरीर देर रात रविवार को उनके ग़ाव में लाया गया था.. शनिवार की शाम करीब सवा 6 बजे पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी शुरू हुई तो भारत की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई.. करीब सवा 1 घंटे तक दोनों के बीच में फायरिंग चलती रही.. शहीद हरी भाकर ने अपने साहस का परिचय देते हुए पकिसत्न के उपर 40 से ज्यादा ग्रेनेड दागे..जिससे पाकिस्तान के 4 बंकारों के साथ साथ 4 सैनिकों को भी अपनी जान से हाथ धोने पड़े.. इस दौरान पाकिस्तान की ओर से एक ही जगह पर 28 गोले दागे गए..तभी एक गोला दीवार से टकरा कर हरि के लेफ्ट पैर पर गिरा था..उस टाइम हरि रॉकेट लाँचर चलाते थे..लेकिन घायल होने के बाद भी लाँचर से हरि भाकर ने गोले दागते रहे..इसके बाद वो बेहोश हो गए..और इलाज के दौरान तड़के साढ़े तीन बजे हरि वीर गति को प्राप्त हो गए..शहीद हरि भाकर 4 ग्रेनेडियर में तैनात थे…

उनका छोटा भाई हरेंद्र भाकर भी भारतीय सेना मे हैं और दोनों भाई जुड़वा थे.. दोनों का जन्म एक साथ हुआ था और दोनों भाई भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहे थे. हरि भाकर 8 फरवरी को ही अपनी बहन की शादी में दोनो भाई छुट्टी पर आये थे.. वहीं आगामी 28 मार्च को भी शहीद हरि भाकर के परिवार में शादी तय थी. ..लेकिन इसके पांच दिन बाद 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी घटना सुनकर उसका खून खोल उठा और वह उसी दिन शाम को ही वापस पुंछ के लिए निकल गए थे..लेकिन वीर सपूत की शहादत की सूचना के बाद जूसरी ग़ाव में माहौल ग़मगीन हो गया पूरे ग़ाव में सन्नाटा सा छा गया था.. शहीद हरिराम के पिता ने बताया कि शहीद हरि भाकर ३ साल पहले ही सेना में भर्ती हुए थे..उन्होंने कहा उनके २ बेटे हैं ,और दोनों ही भारतीय सेना में है..और अगर मेरे और भी बेटे होते तो उन्हें भी भारतीय सेना में देश की सेवा के लिए भेज देते. जवान शहीद हरि भाकर का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव में पहुचते ही बड़ी तदाद में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और सभी लोगों की ऑंखें नम थी..

आज शहीद हरि भाकर का अंतिम सस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा.. एक और जहाँ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कितना ही शान्ति शांति करते रहते है , पर शायद उनका अपनी सेना पर भी बस नही है, तभी तो वो लगातार सीज़फायर का उल्लंघन कर रही है, लेकिन हमारे पाकिस्तान सैनिकों की कायराना हरकतों का मुह तोड़ जवाव दे रहे है, इससे पहले भी जब सीज़फायर का उल्लंघन पाकिस्तान ने किया था तो पाकिस्तान को जवाब अपने 12 सैनिकों की मौत से मिला, जबावी कारवाही भारत ने पाकिस्तानी सेना के 6 कैम्पस को तबाह कर दिया था ,जिसमें 2 पाकिस्तानी ऑफिसर्स समेत 12 सैनिकों की मौत हो गई और लगभग 22 सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए… लेकिन पाकिस्तान और उसकी सेना शायद ही हमारे शहीद जवान के साहस को कभी भूल पाएगा