मुस्लिम लोगों के वोट को पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है राजनेता

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चुनाव एकदम सिर पर है,तमाम सियासी पार्टियां लोगों को अपने पाले में लाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रही है। कोई 72,000 देने की बात कर रहा तो कोई अच्छे दिन लाने की लेकिन इन सबसे अलग बात उठी है आंध्र प्रदेश से ।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने चुनावी मौसम मेंं घोषणा की है कि अगर उनकी पार्टी तेलगु देशम पार्टी सत्ता में वापिस आती है तो वो एक मुस्लिम को अपना उप-मुख्यमंत्री बनाएंगे. वो यही नही रुके बल्कि मुस्लिम वोटर को रिझाने के लिये इस्लामिक बैंक खोलने के साथ उन्हें बिना ब्याज के लोन देने की भी बात कह दी
तेलगु देशम पार्टी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री ने कुरनूल जिले के अलुरु में 5 अप्रैल को एक चुनावी सभा में यह घोषणा की.
असल में ये वादे करने के पीछे का लॉजिक भी बड़ा दिलचस्प है,असल में आंध्रप्रदेश में लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ होना है।

पिछली बार तो टीडीपी मज़े में जीत गयी थी लेकिन इस बार यहां के हालत एकदम अलग है। चंद्रबाबू नायडू उतना काम प्रदेश में करा नही पाए जितना लोगों को उम्मीद थी। जिसके चलते उनकी टक्कर में काफी लोग खड़े हो गए और मुकाबला चार पार्टियों के बीच में खिंच गया।  टीडीपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती जगन रेड्डी है जिनकी पार्टी की लोकप्र‍ियता तेजी से बढ़ी है. इसके अलावा एक्‍टर पवन कल्‍याण की जन सेना ने बीएसपी से गठबंधन कर चुनावी ताल ठोक दी है. कांग्रेस के साथ टीडीपी का गठबंधन आंध्रप्रदेश में नहीं हो पाया है. ऐसे में कांग्रेस अलग से मैदान में है. बीजेपी भी यहां पर अपने दम पर चुनाव लड़ रही है. खुद चंद्रबाबू नायडू के बेटे मुश्‍क‍िल मुकाबले में घिरे हैं.

जब चंद्रबाबू को लगने लगा कि इस बार सत्ता में आना बेहद मुश्किल है तो उन्होंने फटाफट अंदाज़ में मीटिंग की और कह दिया कि उनके लिए मुस्लिमो का हित सर्वोपरि है। असल में मुस्लिम तो सिर्फ वोट पाने का एक बहाना है, वोट लेते ही इन्हें दूर फेंक दिया जाएगा लेकिन मुझे पूरी उम्मीद है कि मुस्लिम चंद्रबाबू के इस चुनावी दांव को समझ ही नही पाएंगे और उनके लिए रेवड़ी बांटने की बात करने वाला ही सर्वोपरि होगा। बाकी,ये सिर्फ कयास है असल में होगा क्या इसका पता तो चुनाव के बाद ही लग पाएगा पर इतना जरूर साफ है कि टीडीपी की इस चुनावी चाल से आंध्रा प्रदेश की सियासत में खलबली बढ़ गई है।