लद्दाख में चीन के साथ तनाव के बीच PMO में बड़ी बैठक, रक्षा मंत्री और तीनों सेना के प्रमुख मौजूद

1764

लद्दाख में LAC पर चीन के साथ तनाव जारी है. चीन ने LAC पर अपने टेंट गाद दिए हैं तो जवाब में भारत ने भी LAC पर अपना खूंटा गाड़ दिया है.भारत किसी भी कीमत पर चीन के सामने झुकने के मूड में नहीं है. LAC पर जारी तनाव के बीच PMO में बड़ी बैठक हो रही है. इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेना के प्रमुख भी मौजूद हैं. इस बैठक में LAC पर ताजा हालातों और भारत की तरफ से उठाये जा रहे कदमों के बारे में विस्तृत चर्चा हो रही है. LAC पर बीते दो हफ़्तों से तनाव जारी है. दोनों देशों के सैनिक आमने सामने डटे हुए हैं. माना जा रहा है कि इस मीटिंग में चीन की किसी भी तरह की हिमाकत से निपटने की योजना बनाई जा रही है और तीनों ही सेनाओं को अलर्ट पर रखा गया है.

कुछ ही दिन लद्दाख और सिक्किम में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. चीन ने LAC पर अपने सैनिकों की संख्या अचानक बढ़ा दी है. चीन की हरकतों को देख कर भारत ने भी जरूरी कदम उठाना शुरू कर दिया है. भारत ने फॉरवर्ड पोजीशन पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है और जरूरी साजो सामान भी तेजी से फॉरवर्ड पोजीशन पर पहुंचाए जा रहे हैं. पैंगोंग सो झील के फिंगर एरिया ने चीन ने ओने टेंट गाड़े हैं तो भारत ने भी अब चीन के सामने खूंटा गाड़ दिया है. भारत सरकार ने साफ़ साफ़ कह दिया है कि बॉर्डर पर जारी डेवलपमेंट का कोई काम इस तनाव की वजह से नहीं रोका जाएगा.

पिछले कुछ सालों में भारत ने चीन से लगती सीमा पर सड़क और अन्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पोस्टों का निर्माण कर अपनी पोजीशन मजबूत की है और चीन की चिढ की सबसे बड़ी वजह यही है. खुद चीन LAC पर निर्माण करता है और चाहता है कि भारत कुछ न करे. ऐसे थोड़े ही न चलता है. गलवां घाटी में भारत ने कई सड़कों का निर्माण किया है. धारचुक से श्‍योक होते हुए दौलत बेग ओल्‍डी के लिए रोड बनी है. यह रोड भारत को काराकोरम हाइवे का भी एक्‍सेस देती है. काराकोरम हाईवे रणनीतिक रूप से बेहद अहम है. इसके जरिये POK और तिब्बत दोनों को साधा जा सकता है. दौलत बेग ओल्‍डी में एंडवास्‍ड लैंडिंग ग्राउंड (ALG) है जो दुनिया की सबसे ऊंची एयरस्ट्रिप है. यहां इंडिया C-130 ग्‍लोबमास्‍टर एयरक्राफ्ट उतार सकता है.