UAE जा कर क्या हासिल किया पीएम मोदी ने?

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UAE के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायेद ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को UAE के सर्वोच्च नागरिक सम्मान आर्डर ऑफ जायेद से सम्मानित किया. इसकी घोषणा क्राउन प्रिंस ने इसी साल अप्रैल में की थी. पीएम मोदी को ये सम्मान दोनों देशों के बीच रिश्तों और रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के लिए दिया गया है.” पीएम मोदी को मिला ये सम्मान इस मायने में भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वक़्त कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ दुनिया भर के देशों को भड़काने की कोशिश कर रहा है.

पीएम मोदी को ये सम्मान मिलना कितना महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के लिए इसके क्या कूटनीतिक मायने हैं? आइये इसपर एक विस्तृत नज़र डालते हैं.

खाड़ी के देशों में जायेद मैडल का काफी महत्त्व है. ये पुरस्कार अब तक सिर्फ चंद राष्ट्राध्यक्षों को ही दिया गया है. इस सम्मान की शुरुआत 1995 में हुई थी. तब से अब तक ये सम्मान रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन, ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद और चीनी राष्ट्रपति शी ज़िनपिंग को मिल चूका है.

पीएम मोदी को ये सम्मान इसलिए मिला है क्योंकि उन्होंने UAE के साथ संबंधों को बढाने में व्यक्तिगत स्तर पर भी पहल की है. पिछले 5 सालों में दो बार पीएम मोदी UAE के दौरे पर गए हैं और शेख मोहम्मद बिन जायेद भी दो बार भारत का दौरा कर चुके हैं . क्राउन प्रिंस साल 2017 में गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि भी थे. .

UAE में रहने वाले भारतीयों की संख्या करीब 33 लाख है. ये संख्या UAE की कुल आबादी का लगभग 30 फीसदी है . इस वक़्त भारत और यूईए के बीच लगभग 50 बिलियन डॉलर का व्यापार है. भारत में लगभग आठ फ़ीसदी तेल की आपूर्ति भी यूएई से ही होती है. संयुक्त अरब अमीरात भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार और चौथा सबसे बड़ा ऊर्जा आपूर्तिकर्ता है.

पीएम मोदी की यूएई यात्रा का इंतज़ार वहां की मीडिया भी बेसब्री से कर रही थी. दुबई के खलीज टाइम्स नामक अखबार ने जायेद मेडल मिलने पर 30 पन्नों में पीएम मोदी के बारे में खबर छापी है. जिसमे जायेद मेडल से लेकर मोदी की बाकी चीजों के बारे में भी बताया गया है. हर पेज पर उनकी फोटो भी लगाई गई है और भारतीय –यूएई के संबंधों, कॉरपोरेट्स, व्यापार आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है .

ना सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार बल्कि आतंकवाद के मुद्दे पर भी भारत औत यूएई के बीच आपसी सहयोग बढ़ा है. आतंकवाद और अपराध के मुद्दे पर भारत और यूएई के बीच रिश्ते कितने घनिष्ठ हुए हैं इसका अंदाजा आप इससे लगाइए कि यूएई ने 1993 मुंबई धमाके के अभियुक्त फ़ारूक़ टकला और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर नूर मोहम्मद तांत्रे को भारत के हवाले किया इसके अलावा बहुचर्चित अगस्ता वेस्टलैंड डील में बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को भी भारत के हवाले किया था.

भारत और यूएई के घनिष्ठ होते रिश्ते से पाकिस्तान बहुत ही असहज है. उसका असहज होना स्वाभाविक भी है. मुस्लिम देश होने के नाते पाकिस्तान को उम्मीद थी की कश्मीर पर यूएई से मदद मिलेगी लेकिन यूएई ने भारत का साथ देते हुए इसे द्विपक्षीय स्तर पर हल करने पर जोर दिया. जब क्राउन प्रिंस पाकिस्तान दौरे पर गए थे तो पाक पीएम इमरान खान ने खुद उनकी कार को ड्राइव किया था. लेकिन इसके वाबजूद जब भारत और पाकिस्तान में से किसी एक को चुनने की बारी आई तो यूएई ने पाकिस्तान के ऊपर भारत को तरजीह दी.

पीएम मोदी को यूएई का सर्वोच्च सम्मान दिए जाने पर पाकिस्तान के अखबारों में भी काफी तीखी प्रतिक्रिया छपी है. डॉन ने लिखा है कि नरेंद्र मोदी को यूएई का सबसे बड़ा सम्मान मिलना ये दिखाता है की भारत यूएई के लिए कितना महत्वपूर्ण है. भारत दुनिया के बड़े उपभोक्ता बाज़ारों में से एक है और यूएई में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं इसलिए कोई भी देश सीधे भारत के खिलाफ जाने की हिम्मत नहीं कर सकता ..

चीन और अमेरिका के बाद यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है और 2022 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 बिलियन डॉलर तक पहुँच जाने का अनुमान है .