पीएम मोदी ने रख दी देशवासियों के सामने ऐसी श’र्त, जिसकों मानने से लोगो को मिल सकती है लॉक डाउन में बड़ी राहत

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भारत में कोरो’ना वायरस बहुत तेजी से फ़ैल रहा है. जिसकी वजह ये है कि लॉक डाउन का लोग पालन नहीं कर रहे हैं और अपनी मर्जी से सड़क पर आते जाते दिख रहें हैं. वहीँ आज की बात अक्रें तो भरता के अंदर दस हजार से ज्‍यादा कोरोना के कन्‍फर्म मामले हो चुके हैं. Covid-19 से पीड़‍ित 339 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे हालत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्‍यापी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का फैसला किया है.

मोदी से पहले ही कई राज्‍यसरकारों ने लॉक डाउन को बढ़ाने की घोषणा कर दी थी. पीएम मोदी जब आज जनता को संबोधित कर रहे थे तब उन्होंने एक बात कही थी कि ‘कुछ इलाकों को 20 अप्रैल के बाद छूट दी जा सकती है. हालांकि इसके लिए उन्‍हें कुछ शर्तों पर खरा उतरना होगा. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस लॉक डाउन का कड़ाई से लोगों को पालन करवाना है. मोदी के मुताबिक, “20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने और हर राज्य को और बारीकी से परखा जाएगा. इस लॉक डाउन के दौरान और अभी एक हफ्ते तक और सख्ती की जाएगी.

मोदी ने जहाँ पर ये अंदेशा दिया है कि 20 अप्रैल के बाद यहाँ लॉक डाउन में धेल दी जाएगी उसपर पीएम मोदी ने कुछ शर्ते राखी हैं. शर्ते ये है कि लोगों ने वहां पर लॉकडाउन का कितना पालन किया गया है, उसने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, उसका मूल्याकंन किया जाएगा. जो क्षेत्र अपने यहां हॉटस्‍पॉट नहीं बढ़ने देंगे, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति और छूट दी जा सकती है. इसको लेकर कल (बुधवार) एक विस्तृत गाइडलाइंस जारी होगी.

पीएम मोदी ने आगे ये भी कहा कि जो जिले या कस्बे हमारी शर्तों पर खरे उतरेंगे उनको थोड़ी बहुत रीयत दी जा सकती हैं. जिन जिलों को और शहर को छुट दी जाएगी उन शहर उर जिलो की लिस्ट में उनका नाम आ सकता हैं. जहां अभी तक कोरो’ना का कोई मामला नहीं मिला है. इसके साथ ही कोरो’ना के चंगुल से बाहर आने वाले शहर भी इस लिस्ट में शामिल किए जा सकते हैं. मसलन नॉर्थ ईस्‍ट के कुछ राज्‍यों जैसे  कर्नाटक, छत्‍तीसगढ़, बिहार, हरियाणा के उन जिलों में लॉकडाउन में ढील दी जा सकती है, जो कोरो’ना से पूरी तरह उबर चुके हैं.आज के संबोधन में मोदी ने ये बाते बताई हैं. और उन राज्यों को छुट देनी भी चाहिए जहा पर कोरोना के मरीज नहीं है. बाकि राज्यों से भी कोरोना जैसी महाममरी को भागने के लिए हमे अभी और म्हणत करनी हैं.