एक मास्टरस्ट्रोक से पीएम मोदी बन गए वर्ल्ड लीडर, दुनिया कर रही सलाम

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आसान नहीं होता वर्ल्ड लीडर बनना. उसके लिए लीडरशिप दिखानी पड़ती है. सही मौके पर सही फैसले लेने पड़ते हैं और दुनिया को रास्ता दिखाते हुए लीड करना पड़ता है. पीएम मोदी इन दिनों यही कर रहे हैं. एक के बाद एक पीएम मोदी मास्टरस्ट्रोक लगाते जा रहे हैं और दुनिया में उनकी इज्जत बढती जा रही है.

ऐसे वक़्त में जब पूरी दुनिया कोरोना के कहर से जूझ रही है. पीएम मोदी ने सबसे पहले दक्षिण एशियाई देशों के संगठन SAARC को फिर से जिंदा किया. दक्षिण एशिया में भारत एक बड़ी शक्ति है. SAARC में भारत के अलावा पाकिस्तान, मालदीव, अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान भी शामिल हैं. उरी हमले के बाद से SAARC एक मारा हुआ संगठन बन गया था. उरी आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में होने वाले SAARC सम्मलेन का बहिष्कार किया जिसके बाद नेपाल, श्रीलंका, अफगानिस्तान ने भी इसका बहिष्कार किया. पिछले कुछ समय से सार्क सम्मेलन टल रहा था, लेकिन मौका देखते ही पीएम मोदी ने शानदार रणनीति के तहत सभी सार्क देशों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का न्योता दे दिया. और उनकी इस पहल का सबने स्वागत किया. इस विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये भारत ने ये दिखाने का काम किया वो दक्षिण एशिया में एक बड़ी ताकत है और नेतृत्त्व कर सकता है.

सार्क देशों ने विडियो कांफ्रेंसिंग में तय किया कि मिल कर कोरोना से लड़ा जाएगा. SAARC के बाद पीएम मोदी का अगला मिशन G-20 है. G-20 में यूरोपीय देशों देशों की बहुलता है. G-20 में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपियन संघ शामिल है. कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित G-20 के देश ही हैं. पीएम मोदी ने पहल करते हुए लीडरशिप की जिम्मेदारी उठाई है. भारत ने ब्रिटेन, इजराइल और ऑस्ट्रेलिया के पीएम से बात की और कोरोना से निपटने के लिए एक साझा रणनीति बनाने पर जोर दिया. खुद ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने इसकी पुष्टि की.

ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मैं इस बात से भी अवगत हूं कि पीएम मोदी जी20 देशों के बीच सामंजस्य बनाने को उत्सुक दिख रहे हैं. मेरे ख्याल से यह सराहनीय प्रसास है. ऑस्ट्रेलिया निश्चित रूप से इसका समर्थन करता है और यह संदेश भेजा जा चुका है.’

घनी आबादी वाला देश होने और चीन के पड़ोसी होने के बाद भी जिस तरह से भारत ने कोरोना से निपटने की रणनीति बनाई और अपने नागरिकों को चीन, इटली और ईरान से निकाला उसने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. मुश्किल के वक़्त में भारत एक वर्ल्ड लीडर के तौर पर सामने आया है.