क्या पीएम मोदी सिखायेंगे तुर्की को भी सबक! यात्रा रद्द

319

क्या भारत और तुर्की के बीच सबकुछ ठीक नही चल रहा है? तो क्या अब मलेशिया के बाद तुर्की को सबक सिखाने का समय है? 
संयुक्त राष्ट्र महासभा में तुर्की और मलेशिया ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए भारत के विरोध में अपनी बात रखी थी. वहीँ चीन, मलेशिया और तुर्की  ने पाकिस्तान का एफ़एटीएफ़ फ़ाइनैंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स में समर्थन किया. इसके बाद भारत का रुख इन देशों के प्रति कड़ा हो गया.. दरअसल पिछले महीने 24 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को संबोधित करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का मुद्दा उठाया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच कडवाहट की बात सामने आई थी और अब खबर मिल रही है कि प्रधानमंत्री मोदी तुर्की जाने वाले थे और उन्होंने भारत के विरोध में बोलने और पाकिस्तान का समर्थन करने की वजह से तुर्की की यात्रा रद्द कर दी है. कहा जा रहा है इस साल के अंत तक दोनों नेताओं के बीच मुलाक़ात होने वाली थी. इसे तुर्की के खिलाफ उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है.

दरअसल पाकिस्तान के समर्थन में तुर्की मलेशिया और चीन के अलावा और कोई भी देश बोलने को तैयार नही था.. वहीँ इन देशों ने पाक के समर्थन में बोलकर कहीं ना कहीं भारत को नाराज कर दिया है. हालांकि भारत में तुर्की के राजदूत साकिर ओज़कान ने द हिन्दू से कहा, ”हमारी सरकार को उम्मीद थी कि पीएम मोदी अंकारा आएंगे. यह केवल उम्मीद ही नहीं थी बल्कि हाल ही में इस पर बात भी हुई थी. हमलोग अब कोई दूसरी तारीख़ का इंतज़ार कर रहे हैं. मिली जानकारी के मुताबिक़ सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि तुर्की के अनादोलु शिपयार्ड से भारत ने 2.3 अरब डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया है. कहा जा रहा है कि इसे कैंसल करने का एक कारण यह भी हो सकता है कि अनादोलु शिपयार्ड पाकिस्तानी नेवी के लिए भी काम कर रही थी. इसके साथ ही तुर्की ने यह भी कहा था कि फ़ाइनैंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (एफ़एटीएफ़) में वो पाकिस्तान का साथ देगा.

दरअसल 27-28 अक्टूबर को सऊदी अरब में मेगा इन्वेस्टमेंट समिट के बाद पीएम मोदी की तुर्की यात्रा प्रस्तावित थी। तुर्की के इस कदम से दोनो देशों के संबंधों में खटास आ गई है। हलांकि दोनों देशों के बीच कभी भी बेहतर संबंध नहीं रहे. कहा जा रहा था कि प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच सम्बन्ध सुधर सकते थे लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को रद्द कर दिया गया है. यहाँ आपको ये भी जानकर हैरानी होगी कि मलेशिया को भारत की तरफ झटका दिया जा चुका है, भारत की तरफ से पाम तेल के आयात पर रोक लगा दी गयी ही हालाँकि भारत सरकार की तरफ से अभी तक मलेशिया पर कोई प्रतिबन्ध नही लगा है. हालाँकि इन दोनों देशों के रवैये से नाराज भारत इनके खिलाफ एक्शन जरूर ले सकता है.