जिन लोगों का पैर धो रहे हैं पीएम मोदी, आखिर कौन है वे लोग?

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प्रधानमंत्री मोदी रविवार की प्रयागराज कुंभ पहुंचे थे जहां पीएम मोदी की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई जो सुर्ख़ियों में छा गयी.. चाहे वो गंगा में स्नान करना हो, गंगा आरती करना हो या फिर सफाई कर्मियों का सम्मान…लेकिन सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाली बात यह थी कि दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में शामिल प्रधानमंत्री मोदी पांच स्वच्छ यानि सफाई कर्मियों के पैर धोये.. इस तस्वीर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर या तस्वीर बहुत तेजी से वायरल होने लगी..और अब सवाल उठ रहा है कि जिन पांच लोगों के प्रधानमंत्री मोदी ने पैर धोये वो आखिर हैं कौन? कहाँ के रहने वाले हैं? कैसे प्रयागराज पहुंचे?
आइये हम आपको एक एक कर उन पांच सफाईकर्मियों के बारें में बताते हैं जिनके पैर कुम्भ में पहुंचे पीएम मोदी ने धोये हैं.


१) प्यारेलाल
बांदा के बबेरू निवासी प्यारेलाल कहते हैं कि सफाईकर्मी होने के कारण वे समाज की मुख्य धारा से जैसे कटे थे। उन्हें उस नजर से नहीं देखा जाता था, जैसे दूसरों को। उन्हें लगता था कि वे ऐसा काम ही करते हैं जिससे लोग उनसे दूर ही रहते थे। मगर आज प्रधानमंत्री ने उनके जीवन को सफल बना दिया। उनके काम को इतना ऊंचा उठा दिया कि वह भी गर्व से जीवन यापन कर सकेंगे। आज उन्हें पता चला कि जो सफाई का काम वह कर रहे हैं वह बहुत बड़ा काम है।
२) होरीलाल
होरीलाल कहते हैं कि जब वह कुंभ में सफाई के काम के लिए घर से निकले थे परिवार के लोगों ने दो-तीन बार रोका था। कहा गया था कि सफाईकर्मी का काम छोड़कर मजदूरी कर लो, मगर एक जोड़ी कपड़ा लेकर वह निकल लिए कुंभ के लिए। यहां झाड़ू लेकर लगन के साथ साफ-सफाई की। सुबह जल्दी उठना और रात को देर से सोना, यही उनका जप व तप था, जिसका प्रतिफल संगम की रेती पर प्रधानमंत्री ने दिया।


३) ज्योति
छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के कोरबा निवासी ज्योति का कहना है कि जब प्रधानमंत्री जी उनका पैर धुल रहे थे तो उनकी आंखें भर आई थी। इतना बड़ा सम्मान वे सपने में भी नहीं सोची थीं। बेहद सामान्य जीवन है उनका और उनके परिवार का। मजदूरी करके ही परिवार का पेट पलता है। अब तो वह यही करेंगी हमेशा। चौबी पहले भी कुंभ मेले में सफाई करने आई थीं। बोलीं, पिछले दो कुंभ के दौरान के तो पूरे भुगतान भी उनके नहीं हुए थे। मगर इस बार भुगतान तो समय पर हो ही रहा है, प्रधानमंत्री द्वारा सम्मान बहुत बड़ा भुगतान कर गया।
४) नरेश चन्द्र
बांदा के कमासिन के नारायणपुर निवासी नरेशचंद्र कहते हैं कि वह कभी नहीं भूलेंगे। उनकी आने वाली कई पीढिय़ां भी नहीं भूल पाएंगी, प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए इस सम्मान को। कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने देश के सभी सफाई कर्मियों का दिल जीत लिया है। वैसे देश भर के सफाई कर्मियों के दिल में उस दिन ही मोदी जी समाहित हो गए थे, जब उन्होंने झाड़ू उठाई थी।


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प्रयागराज में रहकर सफाई का काम करती हैं. झाड़ू लगना और कचड़े उठाना चौबी पिछले काफी समय से कर रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने कुम्भ में भी साफ़ सफाई के लिए शामिल हो गयी. पिछले 2 महीने से चौबी लगातार सफाई कर रही हैं.
अब पांच लोगों को यकीन नही हो रहा है कि उनका सम्मान प्रधानमंत्री मोदी ने किया है और ऐसा सम्मान जिसे वे पूरी जिन्दगी नही भूल सकते! इन पाँचों सफाईकर्मियों ने बताया कि जब वे कुम्भ आ रहे थे तो उन्होंने सोचा नही था कि वे यहाँ से इतना बड़ा सम्मान लेकर जायेंगे!