क्या वाकई सेना पर हमले वाले दिन शूटिंग कर रहे थे पीएम मोदी

14 फरवरी को सेना पर हमला हुआ,40 जवान शहीद हो गए। हमले के बाद यूँ तो सभी को एकजुटता दिखानी चहिए थी लेकिन राजनीतिक पार्टियां यहां भी अपने नंबर बढाने और दूसरे के नंबर घटाने में लगी रही। काँग्रेस ने तो सीधे सीधे पीएम नरेंद्र मोदी की देशभक्ति पर ही सवाल उठा दिए। कांग्रेस की तरफ से कह दिया गया कि जिस दिन सेना पर हमला हुआ उस दिन पीएम शूटिंग में लगे थे। 
अब आरोप देश के प्रधानमंत्री पर लगाए गए थे इसलिए हमने इसकी पड़ताल करना शुरू कर दिया। हमारी पडताल में क्या निकलके सामने आया,आइए आपको बताते है.

कांग्रेस के मीडिया प्रमुख रणदीप सुरेजवाला ने तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए मोदी साहब पर हमला बोला-कांग्रेस का कहना था कि जिस दिन पुलवामा में हमला हुआ उस दिन देश के प्रधानमंत्री शहीदों को भूलके शूटिंग और चुनाव की तैयारियों में लगे हुए थे।

हमने इन दावो की पड़ताल करनी शुरू की।
तो हमे एक वीडियो मिला जो सोशल मीडिया पर वायरल था,इसमें रोड के दोनों तरफ लोग खड़े होकर मोदी मोदी चिल्ला रहे है और वही से काफिला गुजर रहा है।इसी वीडियो में एक बैनर भी दिखाई दे रहा है जिसमे लिखी तारीख और जगह को देखकर साफ लग रहा है कि पीएम उस दिन सच मे उत्तराखण्ड में थे,जहां उनका कोई कार्यक्रम था।
हमने पड़ताल को आगे बढ़ाई,


मीडिया में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक 14 फरवरी को वो साढ़े बारह बजे उत्तराखण्ड के जिम कार्बेट पार्क में गए थे और क्योकि वहां एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म की शूटिंग होनी थी। हमे ये नही भूलना चहिए की पुलवामा में जवानों पर हमला साढ़े तीन बजे हुआ था।
शूटिंग के बाद पीएम को रुद्रपुर जाना था जहां उन्हें सरकारी योजनाओं को लेकर एक सभा को संबोधित करना था लेकिन अचानक उन्हें जवानों की शहादत की सूचना मिली जिसके चलते प्रधानमंत्री को रुद्रपुर का प्रोग्राम केंसल करना पड़ा,लोग उन्हें सुनने को मैदान में जमा थे इसलिए पीएम को फ़ोन से ही अपना भाषण देना पड़ा। 

यूँ तो पीएम कम से कम आधे घण्टे तक रैली को संबोधित करते है लेकिन उस दिन उन्होंने महज़ 6 मिनट में अपना भाषण खत्म कर दिया।


जिस वक्त पीएम का ये भाषण चल रहा था उस समय वक्त हुआ था 5 बजकर 10 मिनट ।
अब अगर चुनावी पंडितों की बात पर यकीन करें तो किसी भी नेता का कोई भी दौरा काफी पहले से ही तय होता है और उसको केंसल करने से उस नेता और उसकी पार्टी की जनता के दिल मे बुरी इमेज बनती है। जिस दिन जवानों पर हमला हुआ उस दिन पीएम ने फोन से ही फटाफट अपना भाषण पूरा कर लिया ताकि उन्हें सुनने आए लोग भी निराश ना हो और वो समय पर दिल्ली पहुँचकर हमले से जुड़ी जानकारियों को जुटाकर सम्बंधित अधिकारियों को उचित कारवाई का आदेश दे सके।

हमारी पड़ताल में सामने आया कि पीएम जब जिम कार्बेट पार्क में शूटिंग कर रहे थे तब तक सेना पर हमला नही हुआ था और उनका रुद्रपुर दौरा पहले से ही तय था लेकिन पीएम ने सीधे रुद्रपुर ना जाकर फोन से अपने भाषण को पूरा किया जिससे पीएम को सुनने के लिए आए हजारो लोगो को निराशा के साथ नही लौटना पड़ा और सेना को भी उच्च स्तर से टाइम पर ही इनपुट मिलते गए।

हमारी टीम के फैक्ट चेक में कांग्रेस के आरोप झूठे साबित हुए।

Related Articles

42 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here