पीएम मोदी ने समंदर किनारे से कूड़ा उठाया तो लिबरल ट्विटर पर कूड़ा डालने लगे

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शनिवार छुट्टी का दिन होता है. लोग देर तक सोते हैं लेकिन लोगों के उठने से पहले ही इस शनिवार की सुबह सुबह एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उस विडियो में पीएम नरेंद्र मोदी महाबलीपुरम के समुद्र तट पर मॉर्निंग वॉक के दौरान तट पर फैला कूड़ा चुनते हुए देखे गए.

इस वीडियो के वायरल होते ही कुछ लोग तिलमिला गए और इसे नौटंकी, प्रचार पाने का तरीका, ड्रामा, एक्टिंग बताने लगे. ये वो जमात है जो अगर दिन में एक बार पीएम मोदी को कोस न ले तो उनका खाना हजम नहीं होता. ये वो जमात है जो मई 2014 के बाद मोदी को कोस कोस कर ही अपना अस्तित्व बचाने रखने की कोशिश कर रहा है. ये वो जमात है जो मोदी की सकारत्मक बातों में भी नकारात्मकता ढूंढ लेता है. अगर मोदी कहें देश खुले में शौच मुक्त हो गया तो ये जमात मोदी की बातों को गलत साबित करने के लिए सड़क किनारे शौच करने बैठ जाएगा.

प्रोपगैंडा वेबसाईट द वायर की जर्नलिस्ट रोहिणी सिंह ने पीएम मोदी के कूड़ा उठाने वाले विडियो पर कहा कि ये किसी भी चीज की अति है. बस अपनी छवि बनाने और मार्केटिंग के लिए ऐसा नहीं किया जाना चाहिए. अब मोहतरमा को कौन बताये कि जो आदमी 13 साल तक एक राज्य का मुख्यमंत्री रहा, जो आदमी पिछले 6 सालों से देश का पीएम और आने वाले 4 सालों तक पीएम बना रहेगा, जिस आदमी के नाम पर ही लोग उसे वोट देने को तैयार रहते हैं उसे अपनी छवि बनाने के लिए और मार्केटिंग के लिए कूड़ा बीनने की जरूरत पड़ेगी. दरअसल पीएम मोदी को अपनी छवि बनाने के लिए कूड़ा बीनने की जरूरत नहीं है बल्कि रोहिणी सिंह जैसे जर्नलिस्ट और द वायर जैसे पोर्टल को अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए मोदी के हर काम की आलोचन करना जरूरी है.

समाजवादी पार्टी के एक नेता आई पी सिंह ने पीएम मोदी के कूड़ा उठाने वाले विडियो की आलोचना करते हुए कहा, “बड़बोले परिधानमंत्री मोदी ने आज देश को फिर शर्मसार कर दिया,चीनी राष्ट्रपति के सामने SPG के नियम के अनुसार PM जहां जाते हैं वहां का कचरा पहले साफ करवाया जाता है। सोचिये जिनपिंग क्या सोच रहे होंगे कि देश का PM जहां जाता है वहां इतनी गंदगी है तो फिर पूरे देश का क्या हाल होगा.”

समाजवादियों के साथ एक दिक्कत है कि ये उम्र भर एक परिवार की चाकरी करते रहे शायद इसलिए स्कूल जाने का टाइम नहीं मिला वरना इन्हें पता होता कि भूगोल यानी ज्योग्राफी में पढाया जाता है कि हर 2 मिनट पर समुद्र की लहरे आती है और सतह पर तैरते कचरे को तट पर छोड़ जाती है.

लिस्ट बहुत लम्बी है. जिनका पूरा शनिवार मोदी के इस विडियो की आलोचना करते करते बीत गया. इन लोगों के लिए how dare you कह कर चिल्लाती ग्रेटा आइकॉन है और अपने देशवासियों को सफाई के लिए प्रेरित करते पीएम नौटंकीबाज और ड्रामेबाज. अगर ये ड्रामेबाजी ही है तो क्या इस ड्रामेबाजी से कोई नुक्सान है? अगर देश की 130 करोड़ जनता ड्रामेबाजी के लिए ही सही 3 मिनट तक अपने आस पास सफाई करे तो पूरा देश साफ़ हो जाए.

समुद्र तट पर कूड़ा चुनते देश के सबसे बड़े लोकतंत्र के मुखिया की तस्वीर लोगों के लिए प्रेरणाश्रोत है लेकिन अगर लिबरल गैंग के लोग इसकी तारीफ़ कर देंगे तो उनके अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा हो जाएगा. अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए ये लोग तो ज़हर भी खा लेंगे अगर किसी दिन मोदी ने कह दिया कि ज़हर खाना बुरी बात है.