पाकिस्तान के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने के लिए पीएम मोदी तीन देशों की यात्रा पर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से तीन देशों की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं. ये तीन देश हैं फ्रांस, यूएई और बहरीन . 25 अगस्त को प्रधानमंत्री फ़्रांस में जी-7समिट में हिस्सा लेंगे. दरअसल भारत जी-7 का हिस्सा नहीं है लेकिन फ़्रांस की तरफ से उसे जी-7 सम्मेलन के आउटरीच सेशन में भाग लेने का न्यौता मिला है. इसी सम्मलेन के दौरान पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से भी मुलाक़ात होनी है. कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने और ट्रम्प की लगातार बयानबाजी के बीच ये पीएम मोदी और ट्रम्प की पहली मुलाक़ात है .उम्मीद जताई जा है कि कश्मीर मुद्दे पर दोनों नेताओं में विस्तृत बातचीत हो सकती है .सितंबर में पीएम मोदी को अमेरिका की यात्रा पर जाना है, उससे पहले पेरिस में मोदी और ट्रम्प की मुलाक़ात बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाली है .

इस यात्रा के दौरान भारत और फ़्रांस के बीच के सम्बन्ध और मजबूत होंगे .सितंबर में ही राफेल विमानों की पहली खेप भारत आनी है . भारत और फ़्रांस के बीच गहरे संबंधो का महत्त्व आप इससे समझिये कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने में फ़्रांस ने पूरा जोर लगा दिया था . इसके अलावा कश्मीर मुद्दे पर UNSC में बंद कमरे में ही मीटिंग में भी फ़्रांस ने खुल कर भारत का साथ दिया था. रूस, इजरायल और अमेरिका के बाद फ्रांस भारत को रक्षा साजो-सामान आपूर्ति करने वाला चौथा सबसे बड़ा देश है.

फ्रांस महाराष्ट्र में प्रस्तावित जैतपुर परमाणु ऊर्जा परियोजना के लिए छह न्यूक्लियर रिऐक्टर्स बेचने को उत्सुक है. जैतपुर न्यूक्लियर पावर प्रॉजेक्ट का संचालन एक दशक से भी ज्यादा वक्त से लंबित है. भारत सरकार और फ्रांस डिजिटल टैक्स और अमेरिका की व्यापारिक एकपक्षीयता जैसे अन्य मुद्दों पर भी एकमत हैं. 

फ़्रांस के बाद प्रधानमंत्री यूएई पहुंचेंगे. वहां पीएम मोदी को यूएई का सर्वोच्च नागरिक सम्मान जायेद मेडल से सम्मानित किया जाएगा. मुस्लिम राष्ट्र होते हुए भी भारत और यूएई के रिश्तों में जो घनिष्ठता है वो कई मायनों में बहुत महत्वपूर्ण है . कश्मीर मुद्दे पर यूएई ने खुलकर भारत का साथ दिया है और इसे भारत का आन्तरिक मामला बताया है. पाकिस्तान को पूरी उम्मीद थी कि कश्मीर मामले पर मुस्लिम राष्ट्र होने के नाते उसे यूएई का समर्थन मिलेगा लेकिन यूएई ने भारत का पक्ष लिया. यूएई की डीपी वर्ल्ड भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स में निवेश कर रही है. सऊदी अरामको और भारत की सरकारी तेल कंपनियों के साथ-साथ अबू धाबी नैशनल ऑइल कंपनी (ऐडनॉक) भी महाराष्ट्र में प्रस्तावित 44 अरब डॉलर की लागत वाली तेल रिफाइनरी की भागीदार है. UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है और चौथा सबसे बड़ा कच्चे तेल का निर्यातक है.

फ़्रांस और यूएई के बाद पीएम मोदी बहरीन की यात्रा पर जायेंगे . उम्मीद जताई जा रही है कि वहां पीएम भारतीय डिजिटल पेमेंट सर्विस रुपये लांच करने की डील कर सकते हैं. बहरीन में मोदी अपने समकक्ष राजकुमार शेख खलीफा बिन सलमान अल खलीफा के साथ द्विपक्षीय संबंधों के पूरे आयामों के साथ ही क्षेत्रीय और परस्पर हित के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे. यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनामा में श्रीनाथजी मंदिर के पुनरुद्धार की शुरूआत भी करेंगे। बहरीन के शेख हमाद बिन ईसा अल खलीफा मोदी के सम्मान में एक रात्रि भोज का आयोजन करेंगे.

अपने पहले कार्यकाल में पीएम मोदी ने जिस तरह से विदेश निति पर खासा ध्यान दिया था, उसकी सफलता कश्मीर मुद्दे पर देखने को मिली जब पाकिस्तान और चीन पुरे मुद्दे पर अकेले पड़ गए और सभी देश भारत के साथ आ खड़े हुए. खुद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मोहम्मद कुरैशी ने स्वीकार किया था कि दुनिया के देशों के लिए भारत 1 अरब का बाज़ार है इसलिए उसके खिलाफ कोई नहीं जाएगा. अपने दुसरे कार्यकाल में भी पीएम मोदी की विदेश नीति बिलकुल स्पष्ट हैं.