लाल किला से ऐसा क्या बोले प्रधानमंत्री कि हंसने लगे पीयूष गोयल

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन में धरती और पानी को अब्चाने, धारा 370, विकास और तमाम सामाजिक मुद्दे शामिल रहे लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक लाइन ऐसी बोल दि कि लाल किले के प्रांगण में बैठे रेल मंत्री अपनी हंसी नही रोक पाए और जोर से हंस दिए. लकिन सवाल तो ये है कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा कहा क्या था?

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में विकास की चर्चा कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘इससे पहले अगर कागज पर कोई निर्णय लिया जाता था कि एक क्षेत्र में रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा, तो सालों तक लोगों में सकारात्मकता बनी रहती थी…. अब समय अब बदल गया है. लोग स्टेशन से संतुष्ट नहीं हैं. वे तुरंत पूछते हैं “वंदे भारत एक्सप्रेस हमारे क्षेत्र में कब आएगी?” जिसे सुन लाल किले के प्रांगण में बैठे रेल मंत्री पीयूष गोयल सुनकर जोर से हंस पड़े. विकास की ‘नई राह’ पर चल पड़ी भारतीय रेल का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने खास तौर पर वंदे भारत एक्‍सप्रेस का जिक्र किया.

प्रधानमंत्री मोदी के मुंह से तारीफ सुनते जी पीयूष गोयल, जितेन्द्र सिंह की तरफ देखकर हंसने लगे. जाहिर सी बात है कि अगर आपके काम की तारीफ उस जगह से हो रही हो जहाँ से प्रधानमंत्री मोदी को पूरा दुनिया सुन रही हो तो अच्छा तो लगेगा ही, ख़ुशी तो होगी ही. वन्दे भारत एक्सप्रेस बदले रेलवे की एक तस्वीर है, जिससे विकसित हो रेलवे का एक नमूना है.

वैसे इस बार का स्वतंत्रता दिवस बेहद खास था. जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद वहां पर शांति व्यवस्था के बीच स्वतंत्रता दिवस मनाया जाना था. सुरक्षा व्यवस्था के लिए सेना बड़े पैमाने पर तैनात है. जम्मू कश्मीर के राज्यपाल ने तिरंगा लहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया.