संसदीय दल की बैठक में मंत्रियों पर पीएम मोदी सख्त, गैरहाजिर मंत्रियों के नामों की मांगी लिस्ट

378

बीजेपी की संसदीय दल बैठक मंगलवार को संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने की। इस मींटिंग के दौरान पीएम ने सांसदों से समाज सेवा से जुड़ने के लिए कहा और साथ ही साथ मंत्रियों के काम को लेकर भी उन्होंने सख्ती दिखाई । उन्होंने कहा कि ड्यूटी के बाद भी मंत्रियों के नहीं आने पर विपक्ष शिकायत करता है और सवाल उठता है,उन्होंने ऐसे मंत्रियों के नाम भी मांगे जो ड्यूटी पर नहीं जाते।

Image result for अपने मंत्रियों को पीएम मोदी का कड़ा संदेश, कहा संसद में रोस्टर ड्यूटी में उपलब्ध नहीं तो उसी शाम शिकायत
Google News

सांसदों को भी पीएम नरेंद मोदी ने दी हिदायत

पीएम ने बैठक में सांसदों से कहा कि अपने क्षेत्रों के लिए इनोवेटिव तरीकों से सोचें। उन्होंने सांसदों को सामाजिक कार्यों से जुड़ने के लिए भी कहा। पीएम ने पशुपालन पर चर्चा करते हुए सांसदों से मवेशियों से संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए कहा जो साल के इस वक्त में काफी फैलने लगती हैं। पीएम ने 115 पिछड़े जिलों में खास तौर पर सांसदों को काम करने की जरूरत बताई।

Image result for अपने मंत्रियों को पीएम मोदी का कड़ा संदेश, कहा संसद में रोस्टर ड्यूटी में उपलब्ध नहीं तो उसी शाम शिकायत
India TV

ड्यूटी को लेकर सख्ती

इस दौरान पीएम ने ड्यूटी पर आने को लेकर भी सांसदों पर सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा, ‘जो मंत्री रोस्टर ड्यूटी में नहीं जाते उनके नाम मुझे दो, मुझे सबको ठीक करना आता है।’ पीएम ने बताया कि राज्यसभा और लोकसभा में मंत्रियों की दो-दो घंटे की ड्यूटी लगती है कई बार मंत्री सदन में नहीं होते तो विपक्ष पीएम को पत्र भेजकर शिकायत करता है।

पहले भी दे चुके है हिदायत

आपको बता दें कि 2 जुलाई को अपनी पहली संसदीय समिति की मीटिंग बुलाई. संसदीय समिति की इस मीटिंग में खुद प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हुए थे .लेकिन इस मीटिंग में सबकुछ वैसा ही नहीं हुआ जैसा सोचा गया था. प्रधानमंत्री मोदी इस मीटिंग में अपनी पार्टी के सांसदों से खासे नाराज नज़र आये थे. उन्होंने मीटिंग को संबोधित करते हुए सदन में उपस्थित ना रहने वाले सांसदों के खिलाफ अपनी नाराजगी ज़ाहिर की.

Image result for 2 जुलाई को अपनी पहली संसदीय समिति की मीटिंग
अमर उजाला

उन्होंने मीटिंग को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि संसद की कार्यवाही के वक़्त पार्टी के सभी निर्वाचित सांसदों को सदन में मौजूद होना ही चाहिए. उनके संबोधन में उन सांसदों के खिलाफ गुस्सा दिखाई दे रहा है जो सदन में मौजूद नहीं रहे.और तो और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ये बात सही भी लगती है. कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ कोई ना कोई समस्या नहीं है. और जिस क्षेत्र में समस्या है, उस क्षेत्र से सवाल तो उठने ही चाहिए. ऐसे में अगर क्षेत्र से निर्वाचित सांसद ही सदन में मौजूद नहीं रहेंगे तो वहाँ की समस्याओं को सदन में कौन उठाएगा