प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार राज्य से बाहर होने के बावजूद ममता दीदी पर बोला बड़ा हमला!

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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पश्चिम बंगाल में जमकर बवाल हुआ. विरोध प्रदर्शन के नाम पर आगजनी और मारपीट भी हुई. हालाँकि जब प्रदेश की मुख्यमंत्री खुद प्रदर्शन में शामिल रही हो तो उस प्रदेश की जनता पीछे कैसे रह सकती है. एक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने यूएन को दखल देने की मांग की थी, अब इसी मामले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज ममता दीदी, कोलकाता से सीधे संयुक्त राष्ट्र पहुंच गई है, लेकिन कुछ साल पहले तक यही ममता दीदी संसद में खड़े होकर गुहार लगा रहीं थीं कि बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों को रोका जाए, वहां से आए पीड़ित शरणार्थियों की मदद की जाए. ” दीदी, अब आपको क्या हो गया ? आप क्यों बदल गयी? अब आप क्यों अफवाह फैला रही हों ?चुनाव आते हैं, जाते हैं, सत्ता मिलती है चली जाती है, मगर आप इतना क्यों डरी हो।बंगाल की जनता पर भरोसा करो, बंगाल के नागरिकों को आपने दुश्मन क्यों मान लिया है?

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने घुसपैठियों और शरणार्थी के बीच का अंतर भी बताया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पीएम ने कहा कि एक घुसपैठिया कभी अपनी पहचान नहीं बताता है और एक शरणार्थी कभी अपनी पहचान छुपाता नहीं है. ऐसे कई घुसपैठिये बाहर आ रहे हैं और बोल रहे हैं, वे अपनी सच्चाई क्यों नहीं बताते हैं, वे डरे हुए हैं क्योंकि उनकी हकीकत सामने आ जाएगी.

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वाले और खुद को भारत का भाग्य विधाता मानने वाले, आज जब देश की जनता द्वारा नकार दिए गए हैं, तो इन्होंने अपना पुराना हथियार निकाल लिया है- बांटों, भेद करो और राजनीति का उल्लू सीधा करो. पीएम ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून भारत के किसी नागरिक के लिए, चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान, के लिए है ही नहीं, ये बात संसद में कही गई है. पीएम ने कहा कि ये कानून का इस देश के अंदर रह रहे 130 करोड़ लोगों से कोई वास्ता नहीं है.