पीएम मोदी को खली राफेल की कमी

311

भारत की नीति और रीति बदल सी गई है . दोस्तों के साथ दोस्ती और दुश्मनों के साथ दुश्मनी निभा रहे है हम . और यह नीति अच्छी भी है . क्योंकि हमने दुश्मनों के साथ कई बार दोस्ती निभाने की कोशिश की है और हमे हमेशा धोखा ही मिला है .

 
इतिहास गवाह है कि हर बार हमारे दुश्मनों ने दोस्ती की आड़ में हमारे देश के पीठ पर छूरा भोका है . और इस नयी नीति और रीति से देश की पहचान हमरे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने करवाई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “आज का भारत एक नई नीति और रीति पर चल रहा है। आज का भारत निर्भीक और साहसी है। देश के भीतर और बाहर दोनों जगह देश विरोधी लोगों में डर पैदा हो गया है। आज के वातावरण में यह डर अच्छा है। हवाई हमले और फिर पाक की हिमाकत को दिए गए जवाब का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब कोई भारत को आंख नहीं दिखा सकता.”उन्होंने राफेल के नाहोने पर भी अफ़सोस जताया और कहा की अगर आज राफेल हमारे पास होता तो नज़ारा कुछ और ही होता .

शनिवार शाम एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तबाह करने की ऐतिहासिक कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि दुश्मनों को हमारे सैनिकों के पराक्रम से डर लगता है तो यह डर अच्छा है। जब आतंकियों में सैनिकों का डर हो तो यह डर अच्छा है।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम कुछ मुद्दों पर चर्चा की. आइये हम आपको बताते है उन मुद्दों को –

  • एक-एक वीर जवान का खून हमारे लिए अनमोल…

पीएम मोदी ने कहा कि एक-एक वीर जवान का खून हमारे लिए अनमोल है. क्योंकि पहले अगर किसी जवान की शहादत होती थी तो उसका खून बहता था तो उसके जवाब में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होती थी. लेकिन अब कोई भारत को आंख दिखाने का साहस नहीं कर सकता है.

  • राफेल की कमी महसूस हुई…

पीएम मोदी ने कहा कि राफेल की कमी आज देश ने महसूस की है. आज हिंदुस्तान एक स्वर में कह रहा है कि अगर हमारे पास राफेल होता, तो क्या होता. राफेल पर पहले स्वार्थनीति के कारण और अब राजनीति के कारण देश का बहुत नुकसान हुआ है.

  • बुनियादी कमजोरियों को दूर कर रहा है भारत…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नया भारत अपने सामर्थ्य, अपने साधन, अपने संसाधनों पर भरोसा करते हुए हर दिन आगे बढ़ता जा रहा है. अपनी बुनियादी कमजोरियों को दूर करने का, अपनी चुनौतियों को कम करने का प्रयास कर रहा है.

वो कहते है न कि “अंत भला तो सब भला”  प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में यह साबित कर दिया कि भले ही देश पर संकट का बदल मंडराए  लेकिन उनके नीतियों से और देश के समर्थन से हर मुश्किल वक्त का निदान हो सकता .