घर लौटे लाखों प्रवासी मजदूरों के लिए मोदी सरकार ने तैयार किया मेगा प्लान, प्रवासी मजदूरों को…

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लॉकडाउन की वजह से लाखों प्रवासी मजदूर अपने अपने घरों को लौट गए. जिन राज्यों को उन्होंने अपनी मेहनत से संवारा उन राज्यों ने लॉकडाउन जैसे मुश्किल हालातों में मजदूरों से पीछा छुडाने की कोशिश की. जिन हालातों में मजदूर वापस लौटे, शायद ही वो दोबारा बड़े शहरों की तरफ जाना चाहे. ऐसे में मोदी सरकार ने घर लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है. इस मेगा प्लान में घर लौटे प्रवासी मजदूरों के पुनर्वास और रोजगार का खाका तैयार किया गया है.

केंद्र सरकार ने 6 राज्यों के ऐसे 116 जिलों की पहचान की है जहाँ सबसे अधिक संख्या में प्रवासी मजदूर वापस लौटे. इन 116 जिलों में सबसे ज्यादा 32 जिले बिहार के हैं. उसके बाद यूपी के 31 जिले हैं. मध्य प्रदेश के 24, राजस्थान के 22 जिले, झारखंड के 3 और ओडिशा के 4 जिले हैं. अब सरकार इन 116 जिलों में केंद्र सरकार के सोशल वेलफेयर और डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम को युद्धस्तर पर चलाएगी. इसका मकसद है कि घर लौटे प्रवासियों के लिए आजीविका, रोजगार, कौशल विकास और गरीब कल्याण सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके. इन जिलों में मनरेगा, स्किल इंडिया, जनधन योजना, किसान कल्याण योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, पीएम आवास योजना समेत अन्य केंद्रीय योजनाओं के तहत काम होगा.

हाल ही में पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत पॅकेज का ऐलान किया था. इस पॅकेज के तहत सबसे ज्यादा ऐलान प्रवासी मजदूरों के लिए किया गया. केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों को निर्देश भेजा है कि नयी योजनायें शुरू करने की बजाये आत्मनिर्भर भारत पॅकेज के तहत घोषित योजनाओं पर ध्यान दिया जाये और उन्हें अमल में लाया जाए. इसके अलावा राज्य सरकारों को भी निर्देश दिया गया है कि वो अपने यहाँ पहुंचे प्रवासी मजदूरों का डाटाबेस तैयार करें और केंद्र सरकार को सौंपे.