एक्शन में पीएम मोदी ली ऊर्जा मंत्रालय की क्लास और दिए ये निर्देश

देश में इस समय कोरोना का कहर हर दिन तेजी से बढ़ता जा रहा है. देश के प्रधानमंत्री के साथ तमाम राज्य सरकारें एक के बाद एक बड़े कदम इस महामारी से बचने के लिए उठा रही हैं. इसके बावजूद भी ये कहर थम नहीं रहा है. भारत में अब हर दिन 5 हजार से ज्यादा मरीज बढ़ रहे हैं. जिसके बाद अब देश में मरीजों की संख्या 1 लाख 58 हजार के पार हो गयी है.

जानकारी के लिए बता दें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ऊर्जा मंत्रालय की क्लास ली. इसके पीछे की वजह ये थी कि बिजली क्षेत्र की वित्तीय स्थिति में सुधार करने हेतु उपभोक्ताओं की संतुष्टि बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है. पीएम मोदी ने बुधवार शाम को पॉवर एंड न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय के काम की समीक्षा की. जिसके बाद उन्होंने बिजली क्षेत्र, बिजली वितरण खंड में समस्याएँ हर क्षेत्र और राज्य में अलग-अलग हैं.

पीएम मोदी ने समीक्षा करने के बाद बिजली कंपनियों को सलाह दी कि वितरण कंपनियां अपने प्रदर्शन मापदंडों को समय-समय पर जनता के समक्ष प्रकाशित करती रहें ताकि लोगों को पता चल सके कि उनके प्रदाता कैसे काम कर रहे हैं. उन्होंने साथ ही संशोधित टैरिफ नीति और विद्युत् संशोधन विधेयक 2020 सहित नीतिगत पहलों पर भी चर्चा की.

गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्रालय की समीक्षा के दौरान इस बात पर काफी जोर दिया और कहा कि बिजली क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भारत में ही बने. इसी के साथ उन्होंने रूफटॉप और सौर ऊर्जा के लिए अभिनव मॉडल पर भी जोर दिया और साथ ही कहा कि हर राज्य में कम से कम एक शहर या कोई पर्यटन स्थल ऐसा होना चाहिए जो छत पर ऊर्जा का उत्पादन करके पूरी तरह से सौर ऊर्जा का उपयोग कर सके जिससे इस क्षेत्र को भी बढ़ावा मिल सके. उन्होंने अब अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्बन न्यूट्रल लद्दाख की योजना में तेजी आनी चाहिए.