मोदी सरकार 2.0 ने दूसरे साल की पहली कैबिनेट बैठक में MSME सेक्टर और किसानों को लेकर किये ये बड़े ऐलान

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कोरोना वायरस की वजह से देश में मार्च महीने से लॉक डाउन लागू है. जिसके बाद लॉकडाउन को चार चरण में चलाया गया हैं. लेकिन चौथे चरण के लॉक डाउन में कई बंदि’शे कम कर दी गई थी केंद्र सरकार के द्वारा. अब लॉक डाउन की जगह केंद्र सरकार ने अनलॉक 1 देश में लागू किया हैं.अनलॉक 1 में देश के लगभग सभी राज्यों को छूट दी गई हैं और फैलसा लेने का अधिकार भी राज्य सरकार को दिया गया हैं. वो अपने राज्य में क्या खुलेगा और क्या बंद होगा उसका फैलसा वो खुद ले सकते है. इन सबके बीच केंद्र सरकर ने बैठक की है जिसमे कई अहम फैसले लिए गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनट की बैठक हुई. सरकार के दूसरे कार्य’काल की यह पहली बैठक है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि बैठक में ‘किसानों, एमएसएमई को लेकर कई फैसले लिए गए. जावडेकर ने कहा,’ मजबूत और महत्वपूर्ण भारत के निर्माण में एमएसएमई की बड़ी भूमिका है. कोविड को देखते हुए इस सेक्टर के लिए कई घोषणाएं की हैं. इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई घोषणाएं की गई हैं. बैठक में जावडेकर ने कहा कि ‘एमएसएमई की सीमा 25 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ की गई है. भारत सरकार ने एमएसएमई की परिभाषा को संशोधित किया है.’

सरकार ने कैबिनेट बैठक में एमएसएमई के कारोबार की सीमा को 5 करोड़ रुपये की गई है. आज कि बैठक में जो फैसले लिए गए हैं उनमे रोजगार को बढावा देने की बात की गई हैं.  सरकार ने बताया कि 6 करोड़ से ज्यादा अहम भूमिका है MSME की देश में. एमएसएमई को लोन देने की व्यवस्था की गई है. एमएसएमई के लिए 20 हजार करोड़ रुपये लोन देने का प्रावधान है. सैलून, पान की दुकान और मोची को भी इस योजना से लाभ होगा.

आज सरकार ने अपनी बैठक में रेहड़ी पटरी दुकानदारों को भी ध्यान में रखते हुए फैसला लिया हैं. सरकार व्यवसाय आसान बनाने की कोशिश कर रही हैं. उसका सबसे बड़ा कारण है कि कोरोना का’ल में गरीब और रेहड़ी पटरी दूकानदारों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा हैं. सरकार ने रेहड़ी पटरी दूकान वालों को 10 हज़ार रुपये का लों देने की बात भी सरकार ने कही हैं.