अलवर काण्ड को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने दी मायावती को चुनौती, बोला हमला

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राजस्थान में एक दलित महिला जिसकी उम्र 19 साल के आसपास की थी उसका गैंग रेप कर दिया गया… इसी पर प्रधानमंत्री मोदी ने मायावाती को घेरते हुए कुशीनगर में कहा कि आप (मायावती) घड़ियाली आंसू मत बहाइए. जब आपके साथ गलत (गेस्ट हाउस कांड) हुआ तो पूरे देश की महिलाओं को पीड़ा हुई और सबने आपका साथ भी दिया था. क्या आपको इस मामले (अलवर गैंगरेप) में पीड़ा नहीं हो रही है. आप सच में देश की बेटियों के लिए ईमानदार हैं तो राजस्थान में कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस लीजिए. अगर आपको दलित बेटियों की चिंता है तो राजस्थान सरकार से समर्थन वापस क्यों नही लेती.. इतना ही पीएम मोदी ने आगे कहा कि इतने संवेदनशील मामले को भी सूबे की सरकार छिपाने की कोशिश कर रही है. पीएम ने कहा कि नामदार के मुंह पर भी बलात्कारियों ने ताला लगा दिया है…. दरअसल राजस्थान में कांग्रेस को बसपा का समर्थन मिला हुआ है. अब आइये हम आपको बताते हैं राजस्थान के अलवर में हुई गैंग रेप की रूंह कपा देने वाली हकीकत …


दरअसल दलित समुदाय से ताल्लुख रखने वाले पति पत्नी बाजार जा रहे थे. घर में शादियाँ थी… रस्ते में सूनसान सड़क थी जहाँ कुछ दबंगों ने इन्हें पकड लिया रेत के टीलों के बीच लेकर जाकर इनके साथ मारपीट की गयी.. कपडे फाड़े गये.. और फिर गैंग रेप.. इतना ही इस पूरी घटना का फोटो और वीडियो बना लिया गया.. छ लोगों ने मिलकर इस दलित लड़की का रेप किया फिर उसका वीडियो बनाया. कुछ दिन तक तो पति पत्नी ने किसी को ये बात बतायी ही नही लेकिन जब पति के पास कॉल करके ब्लैकमेल करके पैसों की डिमांड की जाने लगी.. पैसा ना देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी तो पति पत्नी दोनों ने परिवार वालों को पूरी घटना बतायी.. इसके बाद घरवाले पुलिस थाना गये एसपी ऑफिस में ही जब ये लोग मौजूद थे तभी उन आरोपियों का फोन आ गया और पूरी बात उन्होंने एसपी को सुनाई..एसपी ने सारी बातें सुनने के बावजूद कार्रवाई का बरोसा दिलाया और थाना गाजी भेज दिया. थानागाजी के एसएचओ ने कहा कि थाने में लोग कम हैं और सबकी 6 मई को अलवर में होने वाले इलेक्शन में ड्यूटी लगी है, इसलिए कुछ दिन बाद ही कार्रवाई हो पाएगी… 30 अप्रैल से लेकर 2 मई तक कुछ नही तो हम फिर थाने गये तब उस दिन सिर्फ एफआईआर दर्ज की गयी लेकिन कुछ हुआ नही लेकिन हुआ ये कि चार तारीख को ही वीडियो वायरल कर दिया गया.. रिश्तेदारों ने फ़ोन कर पति को बताया.. धीरे धीरे मामला स्थानीय मीडिया के जरिये मीडिया में सामने आई. फिर पुलिस पूछताछ के जरिये आरोपियों का पता चला इनके नाम हैं- अशोक गुर्जर, हंसराज गुर्जर, इंद्रराज गुर्जर, महेश गुर्जर और छोटेलाल गुर्जर. मुकेश गुर्जर पर बलात्कार का वीडियो वायरल करने का आरोप है.

इन पर आईपीसी की धारा 147, 149, 323, 341, 354, 376-D, 506 और एससी-एसटी ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. ये तो रही एक घटना दूसरी घटना ये हैं कि अलवर में ही एक महिला के साथ अस्पताल में ही रेप कर दिया गया जब वो बहु की डिलीवरी करवाने अस्पातल गयी थी. आरोप एम्बुलेस चालक और कम्पाउंडर पर लगा है दोनों फरार हैं.. चुनाव के मद्देनजर इस घटना को दबाने की भरपूर कोशिश की गयी लेकिन मीडिया के जरिये धीरे धीरे यह घटना फ़ैल गयी और सकरार की फजीहत शुरू हुई.. लेकिन एक बात यहाँ गौर करने वाली हैं कि देश के वे लोग कहाँ गायब है जो महिलाओं की सुरक्षा की बड़ी बड़ी बातें करते हैं. महिलाओं के सम्मान में प्रदर्शन करते हैं.. सब गायब हैं क्योंकि यहाँ से उनका उल्लू सीधा नही हो सकता.. शायद यही कारण हो ..वैसे राजस्थान में हुई इस घटना के बाद बहू बेटियों, महिलाओं और बच्चियों की बात करने वाली मायवाती कांग्रेस के साथ राजस्थान की सरकार में सहभागी है. इसी पर प्रधानमंत्री मोदी ने मायावती को चुनौती दी है कि अगर सच में मायावती जी दलित हितैषी हैं तो राजस्थान सरकार से अपना समर्थन वापस लें