पीएम मोदी ने इसलिए ट्वीट में नही लिया केजरीवाल का नाम, समर्थकों में फैला आक्रोश

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चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है. इसी के साथ आचार संहिता लग चुकी है. चुनाव आयोग की कोशिश है कि अधिकतर वोटर वोट डालने मतदान केंद्र तक पहुंचे और वोट डाले… इसी तरह प्रधानमंत्री ने भी ट्वीटर के जरिये राजनीतिक पार्टियों और उनके अध्यक्ष से अपील की हैं कि वे लोगों को लोकसभा चुनाव में मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करें. इसी के साथ पीएम मोदी ने राहुल गाँधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, स्टॅलिन और शरद पवार को टैग भी किया है लेकिन इस लिस्ट में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का नाम नही होने से सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गयी है कि आखिर प्रधानमंत्री आवास के सबसे करीब रहने वाले मुख्यमंत्री का इस लिस्ट में नाम क्यों नही है.. पीएम मोदी ने ऐसा करके केजरीवाल के समर्थकों को भडका दिया है… लेकिन सवाल है कि पीएम मोदी ने ऐसा किया क्यों?


इसके पीछे की वजह हो सकती हैं राजनैतिक शिष्टाचार.. जी हाँ… आपने देखा होगा कि पीएम मोदी कई विपक्षी पार्टियों के पारिवारिक या व्यक्तिगत कार्यक्रम में शामिल होते हैं… क्योंकि शायद इन लोगों में राजनैतिक मतभेद के साथ साथ राजनैतिक शिष्टाचार भी होता है. एक दुसरे का सम्मान रखते हुए विरोध करना इसी का एक हिस्सा हो सकता है.. लेकिन आपने देखा होगा कि कुछ समय पहले तक अरविन्द केजरीवाल जिस तरह की भाषा और शब्दों का प्रयोग कर रहे थे उससे तो शायद यही पता चलता है कि पीएम मोदी और अरविन्द केजरीवाल के बीच राजनैतिक शिष्टाचार बचा ही नही है. आगे बढे इससे पहले आपको इसी से जुड़ा एक और ट्वीट दिखाना चाहते हैं… जिसमें लिखा गया है कि केजरीवाल को टैग करने में भी फटती है मोदी की ?? ये शब्द बोले गये है प्रधानमंत्री मोदी के लिए… बोलने वाली एक लड़की हैं अंकिता शाह… जो आम आदमी पार्टी की समर्थक हैं और इनका ट्वीटर अकाउंट भी वेरीफाईड हैं.. कोई भी अकाउंट बिना किसी बैक सपोर्ट और सेलेब्रेटी हुए बिना वेरीफाईड नही होता… मतलब ये आम आमदी पार्टी से जुडी हुई हो सकती हैं… अब आप इनकी भाषा पर गौर कीजिये ये जानने के बाद कि ये आम आदमी पार्टी की ख़ास सपोर्टर हैं उन्होंने लिखा है..केजरीवाल को टैग करने में भी फटती है मोदी की ?? एक तो एक नमूना हैं इनके नीच भाषा के इस्तेमाल का..

अब आते हैं पीएम मोदी और केजरीवाल के रिश्ते पर… पीएम मोदी कभी भी अपने भाषण और ट्वीटर पर केजरीवाल का जिक्र तक नही करते यह एक रिकॉर्ड है. वहीँ केजरीवाल लगातार प्रधानमंत्री के लिए गलत और भद्दे शब्दों का इस्तेमाल करते रहे है..कुछ समय तक तो केजरीवाल ट्वीटर और मीडिया में सिर्फ मोदी मोदी के नाम का जाप करते थे … हालाँकि बाद में फिर केजरीवाल खुद ही शांत हो गये.. लेकिन इसी बीच ऐसा भी लगने लगा था कि केजरीवाल में राजनैतिक शिष्टाचार भी लगभग खत्म सा हो गया.. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विरोध में खड़े राहुल गाँधी को टैग करना उचित समझा, अखिलेश को भी किया यहाँ तक कि तेजस्वी यादव को भी किया लेकिन केजरीवाल को क्यों ही.. इसके पीछे मुझे यही वजह लगती हैं केजरीवाल में राजनैतिक शिष्टाचार का खत्म होना! और प्रधानमंत्री मोदी ने खुलेआम अरविन्द केजरीवाल की बड़ी वाली बेइज्जती कर दी है,.


अब देखने वाली बात तो यह है कि केजरीवाल और उनके समर्थक प्रधानमंत्री मोदी पर किस तरह से हमला करते हैं और किस तरह के शब्दों का चयन करते हैं.
इसी के साथ आईये हम आपको दिखाते हैं कि सोशल मीडिया पर किस तरह के रिएक्शन मिल रहे है.


भारत नाम के यूजर लिख रहे हैं कि मोदी जी आपने घंघरू सेठ को तो बिल्कुल ही Ignore कर दिया ।
” क्योंकी उन्होने लगभग मना कर दिया है “

अभिषेक लिखते हैं कि गर्व करें कि आप उस पार्टी के समर्थक हैं,जिसके नाम में “भारत” पहले, “जनता” दूसरे और “पार्टी” तीसरे नंबर पर आती है !
स्नेहा लिख रही हैं कि @ArvindKejriwal देखिए,आपसे फिर बेवफाई।। राहुल से शुरू और स्टॅलिन पर खत्म । सड जी कहीं नही
संजीव लिखते हैं कि मोदी जी आप जो भी बोलते हैं विपक्षी उसका उल्टा करते हैं। अब ये विपक्षी पार्टियां के नेता खुद ही वोट देने नहीं जायेंगे….


ऐसे हो ना जाने कितने लोगों ने केजरीवाल की जमकर खिंचाई की है.. #लगभगमनाकरदियाहै…. पर लोगों जमकर मजे ले रहे हैं… वहीँ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किये गये राजनितिक पार्टियों से अपील को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही हैं.