हंस राज हंस को पीएम मोदी ने खुद किया था फ़ोन, बोले- जिम्मेदारी दी है निभाना है.

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प्रधानमंत्री मोदी ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिससे हमारी और आपकी बात तो छोडिये अच्छे अच्छे लोग चौंक गये हैं. राष्ट्रपति के लिए नाम की घोषणा करना हो..या फिर नोटबंदी जैसा कड़ा और बड़ा फैसला हो… जिससे उन्होंने सबको चौंका दिया.. लेकिन ये चुनावी मौसम है और आज हम बात करने वाले हैं दिल्ली के लोकसभा चुनाव के बारे में… बीजेपी ने दिल्ली के सभी सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं. जिसमें मीनाक्षी लेखी, मनोज तिवारी, गौतम गंभीर, और हंस राज हंस जैसे लोग शामिल है. इन सब उम्मीदवारों में सबसे हैरान कर देने वाला नाम हंस राज हंस का था.. किसी को उम्मीद ही नही थी कि हंस राज हंस को दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट सीट से टिकट मिल सकता है लेकिन अचानक हंस राज हंस के नाम का एलान कर दिया गया…

यही नही खुद प्रधानमंत्री मोदी ने ही हंस राज हंस को चुनाव लड़ने के लिए कहा.. हंस राज हंस के बेटे युवराज जो सिंगर और एक्टर भी है उन्होंने बताया कि खुद प्रधानमंत्री मोदी ने उनके पापा को फ़ोन किया और कहा कि हंस जी एक ड्यूटी दी है इसे संभालिये… अब जिसे खुद प्रधानमंत्री मोदी ड्यूटी दे रहे हो उसके लिए इससे बड़ा सम्मान और क्या हो सकता है. पूरा परिवार दिल्ली पहुँच रहा है. और चुनाव की तैयारियों में जुट गया है. युवराज ने बताया कि चुनाव लड़ने के लिए पहले से कोई जानकारी नही थी सब आनन फानन में तैयारिया की जा रही हैं. बॉलीवुड और पालीवूड से लगातार फ़ोन आ रहे हैं और शुभकामनाएं दे रहे हैं. हंस राज हंस गायकी के लिए अपनी अलग पहचान बना चुके हैं हालाँकि वे राजनीति में किस्मत अजमा चुके हैं.. लेकिन सफलता नही मिली थी. बीजेपी ने उन्हें पंजाब के बजाय दिल्ली के नार्थ वेस्ट से टिकट दिया है.. जहाँ से उदित राज सांसद थे..

टिकट काटने के बाद से ही उदित राज बागी हो गये और अब कांग्रेसी बन गये हैं.. साल 2014 के चुनाव से पहले ही उन्होने ना कि बीजेपी ज्वाइन की थी बल्कि अपनी पार्टी का बिलय किया था… हंस राज हंस 1983 से ही लगातार म्यूजिक इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। इस इंडस्ट्री को उन्होंने कई ऐसे सुपरहिट गाने दिए हैं. हंसराज ने 2009 में शिरोमणी अकाली दल के साथ अपने राजनीति सफर की शुरुआत की थी। वह जालंधर सीट से चुनाव भी लड़े थे लेकिन हार गए थे। हंस का नाम घोषित किये जाने के बाद उन्होंने कहा कि बचपन से ही वो एक योद्धा रहे हैं। उन्हें चुनाव जीतना है। वो एक किसान के बेटे हैं.. वो कठोर मेहनत के जरिए न केवल मतदाताओं का दिल जीतेंगे, बल्कि पीएम मोदी को जीत का तोहफा भी देंगे। आपको जानकारी के लिए बता दें कि 2017 में ही भाजपा ने दिल्ली नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस जीत के हीरो हंसराज हंस ही थे।

हंसराज हंस ने दिल्ली में चुनाव के दौरान कई रैलियां और कई जनसभाएं की, जिसका नतीजा परिणामों में साफ देखा गया। इस तरह हंसराज हंस ने चुनाव जीतने में अहम भूमिका निभाई। अब हंस राज हंस नार्थ वेस्ट दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण सीट से टिकट मिलना उनके राजनीतिक जीवन की एक नई शुरुवात के तौर पर देखा जा रहा है. हालाँकि जिस सीट से हंस को टिकट मिला है वो बीजेपी की सुरक्षित सीट है. वोटरों के समीकरण को समझने के बाद ही बीजेपी ने हंस को इस सीट से टिकट दिया है.